शनिवार सुबह होशियार की पहली बरसी पर परिजनों और सगे संबंधियों ने एकत्र होकर पूजा-पाठ कर होशियार की आत्मिक शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की। होशियार की मां और पिता पहले ही चल बसे थे।
वह दादी के साथ रहता था। होशियार की मौत के बाद दादी अपने छोटे बेटे परस राम के साथ रहने लगी है। सीबीआई कई बार करसोग के जंगलों को खंगाल चुकी है, लेकिन अभी मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।
उधर, वन अराजपत्रित कर्मचारी संघ के वन वृत्त मंडी के प्रधान प्रदीप ठाकुर ने सीबीआई से मांग की है कि होशियार सिंह की मौत के रहस्य से पर्दा उठाए।होशियार के चाचा परस राम ने बताया कि एक साल बाद भी होशियार की पेंशन उसकी दादी को नहीं मिली है।
कागजात और औपचारिकताएं पूरी कर दी गई हैं, लेकिन अभी तक पेंशन का एक पैसा भी दादी के खाते में नहीं आया है। 9410 रुपये की मासिक पेंशन दादी को आजीवन मिलने की घोषणा की गई थी।
05 जून 2017 : सोमवार को वनरक्षक होशियार सिंह लापता हुआ
08 जून 2017 : वीरवार को पुलिस ने दर्ज की गुमशुदगी की रिपोर्ट
09 जून 2017 : शुक्रवार सुबह दस बजे पेड़ पर उल्टा लटका मिला शव, केस दर्ज
11 जून 2017 : रविवार को पोस्टमार्टम के आधार पर हत्या की धारा बदली
14 जून 2017: फॉरेस्ट गार्ड की मौत पर सड़कों पर उतरा जन सैलाब, सीबीआई जांच मांगी 28 अक्तूबर 2017: होशियार मामला सीबीआई को सौंपा, तीन एफआईआर दर्ज। वर्तमान में सीबीआई जांच कर रही है। मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन
वन मंत्री गोविंद राम ने कहा कि मृतक होशियार की दादी को पेंशन न मिलने का मामला उनके ध्यान में नहीं है। इसकी जांच करवाई जाएगी। जहां तक वनरक्षकों को हथियारों से लैस करने की बात है, यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिन वनरक्षकों को हथियार चाहिए, वे आवेदन कर मांग कर सकते हैं।
सरकार ने शुरू की है होशियार हेल्पलाइन
सरकार ने होशियार हेल्पलाइन शुरू की है ताकि आम लोगों की वन माफिया के खिलाफ शिकायत आसानी से पहुंच सके। जयराम सरकार ने सत्ता में आने के बाद यह हेल्पलाइन शुरू की है।