नेता प्रतिपक्ष प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि नगर निगम शिमला में पहली बार काबिज हुई भाजपा को इससे भी बड़ी जीत की उम्मीद थी। पार्टी इस पर आत्ममंथन भी करेगी कि किन कारणों से नतीजे अपेक्षा अनुरूप नहीं रहे। धूमल का कहना है कि अपेक्षा के अनुरूप नतीजे नहीं आने का कारण संगठन नहीं बल्कि पार्टी सिंबल पर चुनाव नहीं होना रहा है।
भाजपा सत्ता में आने के बाद मौजूदा इलेक्शन प्रक्रिया को लेकर भी चिंतन करेगी। धूमल ने कहा कि लगातार चार चुनावों में कांग्रेस को मिली हार के बाद मुख्यमंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। 31 साल के बाद भाजपा का नगर निगम में जीत का सपना साकार हुआ है।
सत्तारूढ़ दल और निगम में काबिज दल नहीं चाहते थे कि चुनाव निर्धारित समय पर हों। जिन लोगों ने शिमला में गंदा पानी पिलाया। पीलिया फैलने से कई लोगों को जान गंवानी पड़ी, यह उनकी हार है। वीरभद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि जो अब निगम को एक शहर का चुनाव बता कर अपनी नाकामी छिपा रहे हैं, वे पहले सेमीफाइनल मान रहे थे।
अब पार्टी नेता कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर मोदी लहर को विधानसभा तक तूफान में बदल देंगे। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती, विधायक सुरेश भारद्वाज, राजीव बिंदल, मेयर कुसुम, डिप्टी मेयर राकेश शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष गणेश दत्त मौजूद रहे।
हमारे फोन करवा रहे थे टेप
पूर्व मुख्यमंत्री धूमल ने पूर्ण बहुमत के लिए निर्दलियों को जुटाने को लेकर पूछा सवाल पर कहा कि यह उतना मुश्किल नहीं था, जितना बाहर से दिख रहा था। पार्षदों को अंडरग्राउंड रखने के सवाल पर कहा कि ऐसे नहीं था कि किसी को छिपा कर रखा है। 1998 में निर्दलीय विधायक रमेश धवाला के अपहरण कांड को वे देख चुके थे। ऐेसे चरित्र वाली कांग्रेस से हम सचेत थे। हमारे फोन टेप हो रहे थे।
मुख्यमंत्री के क्षेत्र में कांग्रेस पिछड़ी
निगम में मुख्यमंत्री के विधानसभा चुनाव क्षेत्र की चार वार्ड आते है। चुनाव में शिमला ग्रामीण में केवल एक सीट कांग्रेस जीत पाई, इससे साफ है कि मुख्यमंत्री का अपना क्षेत्र ही खिसक गया है। उन्होंने विधायक राजीव बिंदल और साथियों की कड़ी मेहनत की सराहना की।
फंड के खर्च की करवाएंगे जांच
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की पहली प्राथमिकता जनता को शुद्ध पेयजल मुहैया करवाना है। शहर के सुंदरीकरण के लिए पर्याप्त फंड दिया गया था, जिसे बर्बाद किया गया। भाजपा सत्ता में आएगी तो इसकी जांच होगी। विधानसभा में भाजपा को बहुमत मिलने के बाद शिमला को स्मार्ट सिटी का दर्जा दिलाना प्राथमिकता है।
भाजपा ने डलवाए फ्रॉड वोट, जल्द होगा खुलासा: सुक्खू
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू ने कहा है कि कांग्रेस ने लोकतंत्र की परंपरा का सम्मान किया है और निगम मेयर एवं डिप्टी मेयर के चुनाव में बहुमत का स्वागत किया है। चुनाव में जिस प्रकार की धांधली देखी गई है और फ्रॉड वोट भी डलवाए गए। ये सब चिंताजनक है। पार्टी जल्दी ही इसका काला चिट्ठा खोलेगी।
सुक्खू ने कहा कि जिस मोदी लहर के नाम पर भाजपा ने चुनाव लड़ा, उसमें शिमला नगर निगम के चुनाव में मुंह की खानी पड़ी है। उन्हें केवल 17 सीटें मिलीं। कांग्रेस को 15 सीटें मिलीं। उसके बाद उन्होंने एक पार्षद की खरीद-फरोख्त की। भाजपा जिस नैतिकता, ईमानदारी की बात करती थी। उसकी पोल खुली है।
ऐसा ही मणिपुर, गोवा विधान सभा चुनाव में भी किया गया है। ये इस बात को प्रमाणित करता है कि हिमाचल में कोई मोदी लहर नहीं है। शिमला में पूरा हिमाचल निवास करता है। कांग्रेस ने दो सीटें अपने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के कारण हारी हैं। दो-तीन सीटें बहुत कम मार्जन से हारी हैं। इससे साफ होता है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस दोबारा सत्ता में आएगी।
क्रॉस वोटिंग करने वाले को पार्टी खोजेगी
सुक्खू ने कहा कि डिप्टी मेयर के चुनाव के लिए क्रॉस वोटिंग करने वाले को पार्टी खोजने का प्रयास कर रही है। इसके लिए सूत्रों से सूचना जुटाई जा रही है। मेयर के चुनाव के लिए एक वोट इनवेलिड हुआ है। क्रॉस वोटिंग केवल डिप्टी मेयर के चुनाव में हुई है। इस वोट को किसने डाला, इसे मालूम करने का प्रयास हो रहा है।