आखिरकार नगर निगम शिमला पर पहली बार कब्जा कर भाजपा ने इतिहास रच ही दिया। मंगलवार को मेयर और डिप्टी मेयर के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच गुप्त मतदान हुआ। मेयर पद पर कुसुम सदरेट, डिप्टी मेयर पद पर भाजपा में शामिल हुए निर्दलीय राकेश शर्मा की जीत हुई।
मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग और माकपा प्रत्याशी के सदन से गैरहाजिर रहने से कांग्रेस को दोहरा झटका लगा। कांग्रेस खेमे के एक पार्षद ने भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोट किया। मेयर पद पर भाजपा को 19 जबकि कांग्रेस को 13 मत मिले। एक वोट अवैध घोषित किया गया। डिप्टी मेयर के लिए भाजपा को 20 और कांग्रेस को 13 मत मिले।
बचत भवन में हुए चुनाव के लिए प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बना रखी थी। सुबह 10:30 बजे कांग्रेस विधायक अनिरुद्ध सिंह और पर्यटन निगम के उपाध्यक्ष हरीश जनारथा की अगुवाई में कांग्रेस समर्थित पार्षद पहुंचे। इसके बाद भाजपाइयों की सुरक्षा के बीच उनके 19 पार्षद पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, विधायक राजीव बिंदल,
स्थानीय विधायक सुरेश भारद्वाज के साथ पहुंचे। पुलिस प्रशासन ने सभी रास्तों पर पहरा लगा दिया, मुख्य गेट से ही आवाजाही रखी। इस गेट के भीतर निर्वाचित पार्षदों और कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों को ही आने की इजाजत थी। कांग्रेस और भाजपा समर्थकों को गेट के भीतर नहीं आने दिया गया। हालांकि, भाजपा के आला नेताओं को भीतर आने दिया गया।