पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने आरोप लगाया कि कि प्रदेश सरकार पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकार छीन कर लोकतंत्र की रीढ़ कही जाने वाली पंचायती राज प्रणाली को ही पंगु बनाने पर तुली हुई है। भाजपा के सत्ता में आने पर पंचायत प्रतिनिधियों के वित्तीय एवं विकास से संबंधित अधिकारों को यथावत बहाल किया जाएगा।
देहरा मंडल के भाजपा समर्थित नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित करने के बाद धूमल ने कहा कि 13वें वित्त आयोग के तहत जिला परिषदों, पंचायत समितियों तथा प्रधानों के माध्यम से पंचायतों को सुदृढ़ करने के लिए 50, 30 और 20 प्रतिशत की धनराशि खर्च की जाती थी। लेकिन, प्रदेश सरकार की ओर से जिला परिषदों तथा पंचायत समितियों के अधिकारों पर अंकुश लगाने के बाद अब प्रधानों के वित्तीय अधिकारों पर भी कैंची चलाने की सुगबुगाहट हो रही है।
लोग पीलिया की चपेट में, मंत्री शिमला से गायब
धूमल ने शिमला में दूषित पेयजल की आपूर्ति को लेकर आईपीएच विभाग के अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार क्षेत्र विशेष के अधिकारियों को बचाने के लिए उनका सिर्फ स्थानांतरण कर रही है जबकि अन्य अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। इसकी जांच की जानी चाहिए। पूर्व सीएम ने कहा कि शिमला के लोग पीलिया से ग्रस्त हैं और मंत्री शिमला से बाहर प्रवास पर हैं।