पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने कहा है कि वन रैंक वन पेंशन के मसले पर कांग्रेस पार्टी विशेषकर राहुल गांधी घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। ओआरओपी पर देश को झूठ बोलकर गुमराह करने वाले राहुल गांधी पहले ये बताएं कि 10 वर्षों तक सत्ता में रहने के दौरान उन्होंने पूर्व सैनिकों और उनकी 40 वर्षों से चली आ रही मांग को पूरा करने के लिए क्या किया था? एक पूर्व सैनिक की आत्महत्या पर उन्हें राजनीतिक रोटियां सेंकने के बजाय इस मुद्दे पर संवेदनशीलता का परिचय देना चाहिए।
प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि सांसद के तौर पर पहली बार उन्होंने वर्ष 1990 में इस मुद्दे को संसद में उठाकर पूर्व सैनिकों के इस अहम मुद्दे से देश को परिचित करवाया था। तब से लेकर कांग्रेस पार्टी और उनके नेताओं ने पूर्व सैनिकों को केवल झूठे वायदे कर गुमराह किया है।
साल 2013 में जब इस मांग ने जोर पकड़ा तो ओआरओपी को पूरा करने के नाम पर कांग्रेस ने मात्र 500 करोड़ रुपये के आवंटन का ढोंग कर पूर्व सैनिकों की भावनाओं से खिलवाड़ करने का काम किया था। प्रो. धूमल ने कहा कि सर्वविदित है कि पूर्व यूपीए सरकार के दौरान मनमोहन सिंह नाम मात्र के प्रधानमंत्री थे।
सत्ता की असली चाबी राहुल और सोनिया गांधी के पास थी। उनके इशारे के बिना सरकार में एक पत्ता भी नहीं हिलता था। उस दौरान राहुल गांधी देश के 20 लाख पूर्व सैनिकों की ओआरओपी की मांग को पूरा करने के लिए कुछ नहीं कर पाए तो अब झूठी राजनीति करके क्या हासिल होगा? प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने पूर्व सैनिकों से आग्रह किया कि उन्हें कांग्रेसी नाम के फसली बटेरों से सावधान रहना चाहिए।
कांग्रेस ने पहले भी उन्हें अपने झूठ से धोखा दिया है और अब भी गुमराह करने की कोशिशें की जा रही हैं। यह केवल मोदी सरकार ही है जिसने सत्ता में आते ही न केवल ओआरओपी की मांग को पूरा किया बल्कि पहली किस्त के रूप में 5500 करोड़ रुपये जारी भी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी पूर्व सैनिकों को इसके सभी लाभ मिलना शुरू हो जाएंगे।
बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में सरकार विफल
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि प्रदेश में आए दिन हो रहे सड़क हादसों को रोकने में प्रदेश सरकार विफल रही है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार कोई भी ठोस कदम नहीं उठा रही है। धूमल ने जिला मंडी में हुए बस हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की। साथ ही सरकार से आग्रह किया है कि इस हादसे में घायल होने वालों के उचित इलाज के लिए प्रदेश सरकार हर संभव सहायता करे।
धूमल ने कहा है कि प्रदेश की सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाओं से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मुसाफिरों की जिंदगी अब प्रदेश की सड़कों पर सुरक्षित नहीं रही है। प्रदेश सरकार का यह कार्यकाल वैसे ही निष्क्रिय प्रतीत हो रहा है। प्रदेश सरकार को झूठी घोषणाएं करने से फुर्सत नही है। कुछ समय पहले भी ऐसी सड़क दुर्घटनाओं के बाद प्रदेश की सड़कों पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर उन्हें ब्लैक स्पॉट चिह्नित करने की घोषणा की थी।
साथ ही ब्लैक स्पॉटों पर सुरक्षा की दृष्टि से इंतजाम करने और रैलिंग व क्रैश बैरियर लगाने की बात कही थी, लेकिन मंडी में हुए निजी बस हादसे ने सरकार के सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल कर रख दी है। दो दिन पहले बद्दी में हुए सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, लेकिन इसके बावजूद सरकार चुप्पी साध बैठी है। धूमल ने कहा कि प्रदेश सरकार को नींद से जागकर सड़क पर सफर करने वालों की सुरक्षा का ध्यान करना चाहिए। इन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावशाली कदम उठाने चाहिए।