भाजपा नेता व पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल
नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल ने कहा कि कैग रिपोर्ट से भाजपा की ओर से सरकार पर लगाए जा रहे वित्तीय कुप्रबंधन के आरोप प्रमाणित हुए हैं। सरकार पर 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक कर्ज अदा करने का दायित्व है। केंद्र की ओर से विभिन्न योजनाओं में दी जा रही राशि को खर्च करने में सरकार असफल रही है।
धूमल ने कहा कि कैग रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि सरकार ने 1648 करोड़ की राशि को सरेंडर किया। यानी, सरकार इस राशि को विकास कार्यों पर व्यय न कर सकी। यदि सरकार अपने वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ करती तो प्रदेश में कई परियोजनाएं पूरी की जा सकती थीं। इससे लोगों को लाभ मिलता।
लगातार घाटे में चल रहे सरकारी उपक्रम वित्तीय कुप्रबंधन के कारण ही घाटा कम करने में असफल रहे। जो राशि उनको आय के रूप में प्राप्त होनी थी, उसको भी प्राप्त न कर सके। कहा कि सरकार को कैग रिपोर्ट में जिन-जिन विभागों तथा सरकारी उपक्रमों का जिक्र है, उनके बारे में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। प्रदेशवासियों को बताना चाहिए कि किस कारण केंद्र सरकार की ओर से दी जा रही धनराशि को व्यय करने में वह असफल रहे। सरकार को बताना चाहिए कि जो अफसर और कर्मचारी इसके लिए जिम्मेवार हैं, उनके खिलाफ सरकार ने क्या कदम उठाए।