पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा प्रबंधन पर हाथ खड़े कर चुकी है। बर्फबारी के बाद प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, सड़क और पेयजल सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। संपर्क सड़कें खराब होने से सैकड़ों बस रूट बंद हैं।
कुछ क्षेत्रों में पहली बर्फ बारी से विद्युत व्यवस्था बहाल नहीं हो पाई है। लोग बिजली कटों से लोग परेशान हैं, लेकिन सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। कहा कि नाकामी को छुपाने के लिए सरकार दोषारोपण की राजनीति को अपना हथियार बनाने की कोशिश कर रही है।
एम्स के लिए पैसों का आवंटन तो तब होगा, जब सरकार भूमि संबंधी सभी औपचारिकताओं को पूरा करेगी। प्रदेश स्तर पर हो रही लापरवाही के लिए केंद्र सरकार को कोसना निंदनीय है। 61 राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण से पूर्व डीपीआर तैयार करने को ही सरकार को लगभग 229.60 करोड़ रुपये आवंटित किए जा चुके हैं, लेकिन सरकार डीपीआर बनाने में ही असफल साबित हुई है।
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार को केंद्र सरकार 1500 करोड़ से अधिक धन दे चुकी है। इन्हें खर्च नहीं किया जा सका है। कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश को 61 नए राजमार्ग जिसके तहत 3900 किमी सड़क बनेगी और लगभग 60 हजार करोड़ खर्च होंगे।
चंबा, हमीरपुर और नाहन में मेडिकल कॉलेजों के निर्माण को 600 करोड़, रेलवे विस्तारीकरण को 565 करोड़, हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज, बद्दी में 107 करोड़ से टूल रूम और 50 करोड़ से सीआईपीईटी केंद्र जैसी कई अन्य योजनाओं के लिए धन का प्रावधान किया है।