ढाई फीट बर्फ और कड़ाके की ठंड भी आठ माह की गर्भवती महिला के हौसले के आगे बौनी साबित हुई। महिला पूलन से बीस किलोमीटर पैदल बर्फ के बीच चलकर सिविल अस्पताल भरमौर पहुंची। इस बीच, महिला और उसके साथ चल रहे परिजनों ने पूलन से थल्ला के बीच दस किमी का शार्टकट रास्ता भी पार किया। शनिवार शाम को करीब चार बजे महिला अस्पताल पहुंची।
यहां चिकित्सीय जांच के बाद उसे दाखिल किया गया है। अब अल्ट्रासाउंड के लिए चंबा रेफर किया गया है, क्योंकि भरमौर अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। हाल ही में हुई भारी बर्फबारी से भरमौर-पठानकोट मार्ग बहाल नहीं हो पाया है। ऐसे में महिला को मेडिकल कॉलेज चंबा तक पहुंचाना परिजनों और स्वास्थ्य विभाग के लिए कठिन परीक्षा से कम नहीं है।
नीना देवी पुत्री जयकरण निवासी पट्टी की शादी पूलन गांव में हुई है। वह आठ माह की गर्भवती हैं। महिला को शुक्रवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। सिविल अस्पताल तक पहुंचने की कोई व्यवस्था न होने पर शनिवार सुबह नीना पति और परिजनों के साथ पैदल ही ढाई फीट बर्फ के रास्ते निकल पड़ीं।
चारों तरफ बिछी बर्फ की चादर और ग्लेशियर गिरने का भय भी उनका हौसला नहीं डिगा पाया। शनिवार शाम को करीब चार बजे नीना अस्पताल पहुंचीं। यहां चिकित्सकों ने उन्हें भर्ती कर लिया। डॉक्टरों ने रविवार को महिला का अल्ट्रासाउंड करवाने की बात कही। उन्हें अब सोमवार को मेडिकल कॉलेज चंबा में अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ेगा।
सिविल अस्पताल भरमौर की डॉ. हिमांशी ने बताया कि शनिवार शाम के समय पूलन गांव की एक गर्भवती महिला को अस्पताल भर्ती किया गया है। महिला को अल्ट्रासाउंड करवाने का परामर्श दिया था, लेकिन भरमौर में रेडियोलॉजिस्ट न होने से परिजन चंबा में जाकर अल्ट्रासाउंड करवाने की बात कह रहे हैं।
व्यापार मंडल भरमौर के प्रधान देसराज शर्मा, पूर्व प्रधान मनोज शर्मा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पांगी, लाहौल-स्पीति के मरीजों के लिए हेलीकॉप्टर सुविधा दी जाती है, उसी तरह भरमौर के मरीजों के लिए भी हेलीकॉप्टर की सुविधा दी जाए।