मौसम विभाग की मानें तो इस साल मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में बारिश सामान्य होगी। मौसम में आए बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। अधिकतम तापमान में चार डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है।
शिमला में बुधवार को मौसम के कई रंग दिखे। सुबह के समय हल्की बारिश के बाद धूप खिली। दोपहर बाद फिर झमाझम बारिश शुरू हो गई। शिमला के अलावा चंबा, कांगड़ा, हमीरपुर, सोलन, सिरमौर में रात को बारिश हुई है।
मौसम के बदले रुख के बीच प्रदेश में तापमान दो से तीन डिग्री कम हो गया है। चालीस डिग्री से ऊपर चल रहा ऊना का अधिकतम तापमान बुधवार को 36.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
शिमला में 25.4, सुंदरनगर में 34.7, भुंतर में 34.6, धर्मशाला में 30.4, नाहन में 31.3, सोलन में 28.6, कांगड़ा में 35.3, बिलासपुर में 35.4, हमीरपुर में 35.2, चंबा में 34.1, केलांग में 25.0 डिग्री अधिकतम तापमान रहा।
मंगलवार रात को प्रदेश के न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मंडी में न्यूनतम तापमान 22.6, ऊना में 21.7, हमीरपुर में 21.4, बिलासपुर-धर्मशाला में 21.0 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
चंबा में 20.0, नाहन में 18.4, सोलन में 17.4 और शिमला में 15.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। तापमान में आई कमी से लोगों को बड़ी राहत मिली है। साथ ही पेयजल किल्लत भी आने वाले दिनों में दूर होने की उम्मीद है।
कोकसर से आठ किलोमीटर दूर तेलिंग नाले में पानी कम होने से 16 घंटे मनाली-लेह मार्ग बाद बड़े वाहनों के लिए बहाल हो गया। नाले में अचानक बाढ़ आने से दो बार मार्ग बंद होने से करीब 700 से अधिक छोटे और बड़े
वाहन कोकसर और सिस्सू में फंसे रहे। कोकसर स्थित चौकी प्रभारी राजेश ने बताया कि मंगलवार रात कुछ छोटे वाहन लेह की तरफ निकल गए थे, लेकिन बुधवार सुबह मार्ग बहाल हो गया है।