हर बार अंतिम दौर में बाहर हो गए थे। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और इस बार कामयाबी हासिल कर ली। वे दो बार ग्रेजुएट फार्मेसी एप्टीट्यूड टेस्ट (जीपैट) भी पास कर चुके हैं।
प्रतीक की स्कूली शिक्षा वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गलोड़ से हुई है। एम फार्मेसी की डिग्री सीएसआईआर आईएचबीटी पालमपुर से की। वे सिप्ला जैसी बड़ी फार्मा कंपनियों में भी सेवाएं दे चुके हैं।
प्रतीक शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय पिता विजय शर्मा और माता उजाला शर्मा को दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी कामयाबी के पीछे पिता का बहुत बड़ा योगदान है। वहीं, प्रतीक के सहायक प्रोफेसर बनने पर उनके पिता विजय शर्मा बेहद खुश हैं। विजय हमीरपुर नगर परिषद से ईओ सेवानिवृत्त हुए हैं। प्रतीक की नानी ब्रह्मी देवी, पत्नी कामिनी शर्मा और बेटी वर्तिका भी खुश हैं।