सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं आम आदमी पार्टी के नेता प्रशांत भूषण ने उनकी सोसायटी की जमीन को सरकार के नाम करने के कलेक्टर (डीसी) कांगड़ा के फैसले को भेदभावपूर्ण करार दिया है। अमर उजाला से फोन पर बातचीत में प्रशांत भूषण ने कहा कि यह फैसला शिमला से लिखवाया गया। सरकार का लिखा फैसला डीसी ने केवल सुनाया है।
प्रशांत भूषण ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे भ्रष्टाचार संबंधी केस से गुस्साए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की सरकार ने यह एकतरफा कार्रवाई की है। इसका जवाब भी कानूनी लड़ाई के जरिये दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सारी प्रक्रिया पूरी कर उन्होंने यह निजी भूमि खरीदी थी।
जिस मकसद के लिए खरीद की गई, वही काम तय अवधि में कंडवाड़ी में किया गया है। दूसरी ओर, प्रशांत भूषण की सोसायटी के संभावना संस्थान ने डीसी कांगड़ा के फैसले पर सवाल उठाए हैं।