मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रशांत भूषण को लीज पर दी गई भूमि को वापस लेने के कांगड़ा जिला दंडाधिकारी के आदेश को न्यायसंगत बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के शासनकाल के दौरान प्रशांत भूषण को नोटिस जारी किया गया था।
पालमपुर के पास कमलगढ़ गांव में आवंटित भूमि का उपयोग निश्चित कार्य से हटकर किसी दूसरे उद्देश्य के लिए किया जा रहा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि का उपयोग उस उद्देश्य के लिए नहीं किया गया जिसके लिए इसका आवंटन किया गया था। इसकी प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी।
अब उपायुक्त ने इस मामले की छानबीन करने के बाद जमीन को वापस लेने का निर्णय लिया है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि समाज में अच्छा रुतबा रखने वाले प्रशांत भूषण आधारहीन बयानबाजी कर रहे हैं। प्रशांत भूषण को पूर्व भाजपा सरकार के समय नोटिस जारी किया गया था और उन्हीं के शासनकाल में इसकी कई बार सुनवाई हुईं थी।
पालमपुर में चाय बागानों की जमीन की कि जा रही अवैध खरीद फरोख्त मामले की जांच कराई जाएगी। सरकार यह सुनिश्चित बनाएगी कि पालमपुर क्षेत्र में चाय बागानों की खरीद व फरोख्त न हो। सरकार चाय बागानों को परिवार के भीतर विभाजन और हस्तांतरण को छोड़कर किसी अन्य को बेचने एवं हस्तांतरित करने की अनुमति नहीं देगी।
धीरे-धीरे लुप्त हो रही मोदी लहर
गुजरात, राजस्थान तथा अन्य राज्यों में हुए उपचुनाव के नतीजों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी लहर धीरे-धीरे लुप्त हो रही है। अब लोगों ने मुद्दों के आधार पर वोट किया है। उप-चुनाव भावनाओं के बजाए मुद्दों के आधार पर लड़े गए थे। लोगों का ध्यान पूरी तरह विकास और नीतियों पर है।