पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी लगातार दो साल जिला कांगड़ा आए थे। 12 फरवरी, 2014 को उन्होंने स्वास्थ्य लाभ और परिवार की सुख-शांति के लिए विधिपूर्वक सर्वसिद्धि हवन किया था। इसके अगले वर्ष वे केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के शाहपुर के छतड़ी में हुए दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्यातिथि आए थे। यहां उन्होंने टेक्नालॉजी को बढ़ावा देकर भारत को सुपर पावर बनाने की बात कही थी।
राष्ट्रपति रहते प्रणब मुखर्जी दो बार जिला कांगड़ा आए थे। वे सबसे पहले 12 फरवरी, 2014 को सपड़ी स्थित एसएसबी के हेलीपैड पर सेना के विशेष हेलीकाप्टर से पहुंचे थे। इसके बाद सड़क मार्ग से बगलामुखी माता के मंदिर गए थे। यहां उन्होंने स्वास्थ्य लाभ और परिवार की सुख-शांति के लिए विधिपूर्वक सर्वसिद्धि हवन पाठ किया था। उन्होंने करीब पौना घंटा मंदिर में बिताया था। इसके बाद राष्ट्रपति रहते ही वे 15 मार्च, 2015 को हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय छतड़ी (शाहपुर) के दूसरे दीक्षांत समारोह में पहुंचे थे।
उन्होंने 12 गोल्ड मेडल और 216 छात्रों को डिग्रियां बांटी थीं। उन्होंने दुख जताया था कि भारत के करीब 200 विश्वविद्यालयों में से एक भी विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय ग्रेडिंग में नहीं है। दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को सीख दी थी कि चुनौतियों का सामना करने से दृढ़ता बढ़ती है और कठिन परिश्रम से ही सफलता को चूमा जा सकता है। भविष्य में अगर कुछ बनना है तो सबसे पहले एक अच्छा इंसान बनो।