बर्फ में फंसी दो महीने की गर्भवती महिला ने दम तोड़ दिया। गर्भवती महिला को लिफ्ट करने के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था भी की गई लेकिन तब तक उसने दम तोड़ दिया। यह दर्दनाक घटना हिमाचल के लाहौल स्पीति इलाके की है।
यहां स्पीति घाटी के हंसा गांव की 27 वर्षीय केसांग डोलमा की सोमवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन महिला को गांव के स्वास्थ्य केंद्र में ले गए जहां जांच के बाद डॉक्टर ने गंभीर हालात को देखते हुए स्पीति प्रशासन से हेलीकॉप्टर की मांग की।
हेलीकॉप्टर की व्यवस्था भी हो गई लेकिन महिला की मौत हो गई। बीएमओ काजा डॉ. दोरजे का कहना है कि प्रारंभिक जांच में ऐसा लग रहा है कि शरीर के भीतर ब्लीडिंग होने से मौत हुई है। उन्होंने कहा कि पूरी स्पीति घाटी में कहीं भी अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था नहीं है। महिला चिकित्सक न होने के कारण भी अस्पताल प्रशासन गर्भवती की मौत का सटीक कारण जान नहीं पाए हैं।
मृतक महिला के पति छेरिंग ज्ञलसन सदमे में हैं। सगनम से जिप सदस्य लोबजंग ज्ञलसन, रंगरीक पंचायत प्रधान संजीव, लोसर पंचायत प्रधान टकपा का कहना है कि पर्याप्त मेडिकल सुविधा न मिलने के कारण महिला की मौत हुई है। बर्फबारी के बाद सड़क मार्ग बहाल नहीं होने से हंसा गांव अभी भी काजा मुख्यालय से कटा हुआ है।