प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के पावर हाउस में आउटसोर्स के जरिये कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। पावर हाउस पर तैनात पुराने कर्मियों को बिजली वितरण प्रणाली में समायोजित किया जाएगा। बोर्ड की ओर से चरणबद्ध तरीके में इसका अंजाम दिया जाएगा, जिससे किसी स्तर पर कोई परेशानी न खड़ी होने पाए।
राज्य विद्युत बोर्ड तकरीबन तीन हजार करोड़ रुपये के घाटे में है। इससे उबरना बोर्ड और सरकार के लिए बेहद मुश्किल हो रहा है। इसको ध्यान में रखकर बोर्ड के खर्चे कम करने की तैयारी की जा रही है। इसी के तहत बोर्ड के पावर हाउस पर आउट सोर्स के जरिये कर्मचारियों को रखने की तैयारी है।
पावर हाउस पर तैनात नियमित कर्मचारियों को विद्युत वितरण सिस्टम में लगाया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं की सेवाएं बेहतर की जा सके। राज्य विद्युत बोर्ड के हिमाचल में 22 पावर हाउस है, जिनसे 467 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है।
इसमें से 11 पावर हाउस पांच मेगावाट से अधिक के है, जबकि शेष पावर हाउस पांच मेगावाट से कम के हैं। प्रधान सचिव ऊर्जा एसकेबीएस नेगी ने बताया कि बोर्ड को घाटे से उबारने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।