शिमला शहर से सटे घणाहट्टी से नालहट्टी तक सड़क के दो किलोमीटर हिस्से की हालत खराब है। इस सड़क से रोजाना सरकारी और स्कूल बसें तथा निजी वाहन गुजरते हैं। सड़क में गड्ढों की भरमार है जिससे अक्सर हादसों की आशंका रहती है। संवाददाता ने मौके का जायजा लिया। पेश है ग्राउंड रिपोर्ट:- दो किलोमीटर हिस्से में जगह-जगह पड़े हैं गड्डे
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के तहत घणाहट्टी से नालहट्टी सड़क के दो किलोमीटर हिस्से की हालत कई सालों से खराब है। यहां टारिंग तो दूर पैचवर्क तक नहीं करवाया गया है।
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लोक निर्माण विभाग के धामी डिवीजन के तहत आने वाली इस सड़क पर घणाहट्टी एनएच से मुड़ते ही गड्ढे शुरू हो जाते हैं। कुछ जगहों पर हालत इतनी खराब है कि दोपहिया वाहन चलाते समय जरा-सी चूक भी दुर्घटना का कारण बन सकती है। घणाहट्टी से हरि देवी तक सड़क की टारिंग जगह-जगह से उखड़ चुकी है। लोक निर्माण विभाग गड्ढों में मिट्टी भरकर कामचलाऊ व्यवस्था करता रहा है, लेकिन बारिश के बाद मिट्टी बह जाने से गड्ढों में पानी भर जाता है। इससे वाहन चालकों को आवाजाही में और परेशानी होती है। इस मार्ग पर रोजाना आधा दर्जन से अधिक निजी और सरकारी बसें कालीहट्टी, कोहबाग, नालहट्टी, हरि देवी और सेरी के लिए चलती हैं।
सड़क के आगे हरि देवी में एक निजी बीएड एवं प्रोफेशनल कोर्स संस्थान और एक निजी स्कूल है, जबकि नालहट्टी तक तीन सरकारी स्कूल भी हैं। ऐसे में स्कूली बच्चों के अलावा शिमला में नौकरी करने वाले लोग और निजी क्षेत्र के कर्मचारी इसी मार्ग से आवाजाही करते हैं। सड़क के करीब दो किलोमीटर हिस्से की खस्ताहालत के कारण दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क पर पैचवर्क करवाने की बात कही जाती रही है, लेकिन आज तक न तो पैचवर्क हुआ और न ही टारिंग करवाई गई।
धूल-मिट्टी से कारोबार प्रभावित
हरि देवी के कारोबारी कमल ठाकुर ने कहा कि सड़क पर गड्ढों की भरमार है। इससे धूल-मिट्टी उड़ती रहती है और वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना रहता है। ढाबा मालिक चमन सिंह ने बताया कि गड्ढों में डाली गई मिट्टी से मौसम साफ रहने पर धूल उड़ती है, जबकि बारिश होने पर कीचड़ फैल जाता है। कारोबारी पवन कुमार ने बताया कि हरि देवी में छोटा बाजार है और यहां सड़क पर सबसे अधिक गड्ढे हैं। पिछले करीब पांच साल से इस दो किलोमीटर हिस्से में टारिंग नहीं होने के कारण उड़ने वाली धूल-मिट्टी से उनका कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। छात्र वरुण ठाकुर ने कहा कि सड़क पर बने गड्ढे दोपहिया वाहन चालकों के लिए बेहद खतरनाक हैं। इससे हर समय हादसे का अंदेशा बना रहता है।
सड़क सुधारने की मांग
लोक निर्माण विभाग के धामी डिवीजन के अधिशासी अभियंता राजेश अग्रवाल ने कहा कि सड़क के खराब हिस्से में पैचवर्क करवाया जाना है। इस कार्य को जल्द शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि हरि देवी से घणाहट्टी तक सड़क के इस दो किलोमीटर हिस्से में इसी सीजन में टारिंग या पैचवर्क करवाया जाए ताकि लोगों को परेशानी से राहत मिल सके।