बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा की नगरी मैकलोडगंज में आजकल ‘लव मेट गर्लफ्रेंड’ पाने के लिए पोस्टर लग रहे हैं। ये पोस्टर कई दुकानों के बाहर और सार्वजनिक स्थलों पर लगे हैं।
पोस्टर में लिखा है - मैं मकलोडगंज में रहने वाला तिब्बती युवक हूं और लव मेकिंग के लिए गर्लफ्रेंड चाहता हूं। इच्छुक लड़की या महिला जल्दी से जल्दी फलां ई-मेल आईडी पर संपर्क करे, लेकिन लड़की चाहिए केवल अमेरिकी या यूरोपियन ही।
मामला ध्यान में आने के बाद पुलिस भी सतर्क हो गई है। पोस्टर लगाने वाले की तलाश भी की जा रही है।
आखिर कौन लगा गया पोस्टर?
सवाल उठ रहे हैं कि ऐसा क्या हो गया कि यहां रहने वाले युवक सार्वजनिक रूप से पोस्टर लगाकर गर्लफ्रेंड पा रहे हैं। ये किसी अन्य नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं? वरना ऐसे पोस्टर लगाने से क्या लवमेकिंग गर्लफ्रेंड मिल जाती है।
मसला इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि मकलोडगंज में हर साल हजारों विदेशी पर्यटक आते हैं। ‘अमर उजाला’ ने इन पोस्टरों पर पुलिस और तिब्बत की निर्वासित सरकार से भी बात की। एएसपी धर्मशाला डा. शिव कुमार ने बताया कि उन्हें इस बारे में शिकायत मिली है।
डीएसपी मैकलोडगंज को जांच के आदेश दिए हैं। पता किया जा रहा है कि ई-मेल या फोन नंबर सही हैं या नहीं?
पुलिस को रिपोर्ट सौंपेंगे : दोरजे
हमने ऐसे पोस्टरों को गंभीरता से लिया है। पोस्टर कौन लगा रहा है, इसकी पड़ताल की है। पोस्टर पर सिर्फ ई-मेल एड्रेस लिखा है। पूरा पता नहीं है। ऐसे में हम यह नहीं कह सकते कि पोस्टर तिब्बतियन युवाओं ने ही लगाए हैं।
ऐसा भी हो सकता है कि ये पोस्टर तिब्बतियन समुदाय को बदनाम करने के लिए किसी और ने लगाए हों। इसकी रिपोर्ट बनाकर निर्वासित सरकार के सुरक्षा विभाग और कांगड़ा के एसपी को सौंपी जा रही है।
-सोनम दोरजे, कल्याण अधिकारी, निर्वासित तिब्बत सरकार