प्रगणक घर-घर जाकर नाम, धर्म और साक्षरता से जुड़े पूछ रहे सवाल, 250 सुपरवाइजर काम की करेंगे निगरानी
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पहली सितंबर से 30 सितंबर तक चलेगी गणना
हर रोज कार्य का फीडबैक लेगा प्रशासन अमर उजाला ब्यूरो शिमला। जिला शिमला में जनगणना के दूसरे चरण की मंगलवार से शुरुआत हो गई है। इसके तहत प्रगणकों ने घर-घर जाकर जनसंख्या गणना का काम शुरू कर दिया है। लोगों से 40 सवाल पूछे जा रहे हैं। इनमें नाम, धर्म, साक्षरता, डिजिटल साक्षरता और पारिवारिक विवरण के साथ भाषा एवं शिक्षा, रोजगार, आर्थिक गतिविधियों और प्रवास समेत अन्य जानकारियां शामिल हैं।
जिले में एक से 30 सितंबर तक जनसंख्या गणना का अभियान चलाया जाएगा। इस कार्य के लिए 1560 प्रगणकों, 250 सुपरवाइजरों और करीब 250 कर्मचारियों को रिजर्व में रखा है। जनसंख्या गणना का कार्य सरकार के निर्देशानुसार हो, इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से गणना करने वाले कर्मचारियों को तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया है। प्रशासन ने कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनगणना के दौरान तय मानकों के अनुसार ही सही जानकारी दर्ज की जाए। हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक एवं मौसमी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य में जनसंख्या गणना का कार्य राष्ट्रीय कार्यक्रम से अलग समय-सारणी के अनुसार किया जाएगा।
दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जनसांख्यिकीय, सामाजिक एवं आर्थिक जानकारी निर्धारित प्रपत्र के अनुसार दर्ज की जाएगी। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे जनगणना कर्मियों के साथ सहयोग करें और मांगी गई जानकारी सही रूप में उपलब्ध करवाएं। प्रत्येक परिवार की सहभागिता से शिमला जिले की जनसंख्या का सटीक और विश्वसनीय आंकड़ा तैयार करने में सहायता मिलेगी। जिले में उपायुक्त शिमला की निगरानी में जनसंख्या गणना का कार्य किया जा रहा है। प्रशासन ने जनसंख्या गणना की प्रगति रिपोर्ट दैनिक आधार पर लेने का निर्णय लिया है। एडीएम प्रोटोकॉल ज्ञान सागर नेगी ने बताया कि पहली सितंबर से जनसंख्या गणना का कार्य शुरू हो गया है। प्रशासन की ओर से इसकी लगातार निगरानी की जा रही है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी जा चुकी हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घर-घर आने वाले प्रगणकों के साथ सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध करवाएं।