डॉक्टर बोले, जंक फूड का इस्तेमाल करने से बचें
पीएचसी और सीएचसी में भी आना शुरू हुए मामले अमर उजाला ब्यूरो शिमला। मौसम लगातार बदलाव और गलत खानपान से लोग डायरिया से पीड़ित हो रहे हैं। दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जोनल अस्पताल में रोजाना छह से सात मामले आना शुरू हो गए हैं। इसके अलावा सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी डायरिया के लक्षण वाले मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
राजधानी के जोनल अस्पताल डीडीयू की मेडिसिन ओपीडी के बाहर भी यही हालत है। राहत की बात यह है कि डायरिया के मामलों में वर्तमान में कोई गंभीर मरीज नहीं आ रहा। चिकित्सकों का मानना है कि बाहर जंक फूड के अधिक सेवन के कारण लोग पीड़ित हो रहे हैं। अस्पतालों में पहुंचने वाले पीड़ितों को ओआरएस का घोल पीने की सलाह दी जा रही है। साथ ही लक्षणों के आते ही नजदीकी अस्पतालों का रुख करने का भी आग्रह किया है। जिले के अस्पतालों में आने वाले डायरिया पीड़ित कोई एक जगह से नहीं आ रहे हैं बल्कि मामले अलग-अलग जगहों के हैं। इस रिपोर्ट को जिला स्वास्थ्य विभाग को भी दिया जाएगा ताकि डायरिया क्लस्टर न बनें।
-कमजोरी आना। -बुखार, भूख कम लगना और सिर में तेज दर्द -उल्टियां, पेटदर्द, सुस्ती रहना
ऐसे करें बचाव
डायरिया से बचाव के लिए पानी उबाल कर पीना चाहिए। शौच जाने के बाद हाथ अच्छे से धोकर खाना खाएं।
दस्त लगने पर ओआरएस का घोल मरीज को दें।
जितना जल्द हो सके, मरीज को अस्पताल पहुंचाएं।
साफ और ढका हुआ खाना ही खाएं।
खान-पान में जंक फूड के इस्तेमाल से परहेज करें।
इनसेट
अस्पताल में डायरिया के रोजाना पीड़ित ओपीडी में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। टेस्ट करवाने के बाद दवाइयां भी दी जा रही हैं। लोगों को डायरिया से बचाव के बारे में बताया जा रहा है। लोगों से आग्रह है कि वे बाहर का खाने से बचें और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। -डॉ. सोनिया, मेेडिसिन विशेषज्ञ, डीडीयू जोनल अस्पताल शिमला