तकनीकी शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षु तैयार होंगे। ऐसे में पॉलीटेक्निक की 2017 योजना के तहत पंजीकृत प्रशिक्षुओं के पांचवें और छठे सेमेस्टर के पाठ्यक्रम में फेरबदल किया है। एनआईटीटीटी (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर ट्रेनिंग एडं रिसर्च) ने पॉलीटेक्निक के लिए पाठ्यक्रम तैयार किया है।
गोल्डन चांस से बचेंगे तीन साल: सुनील
बोर्ड सचिव सुनील वर्मा ने बताया कि साल 2007 और 2012 की योजना वाले फेल प्रशिक्षुओं को मिले गोल्डन चांस से करीब 1000 प्रशिक्षुओं को अपना पॉलीटेक्निक डिप्लोमा पूरा करने में सहायता मिलेगी। यह परीक्षार्थी दिसंबर में परीक्षा दे सकते हैं। पुराने शेड्यूल और फीस के अनुसार आवेदन किया जा सकता है। इससे प्रशिक्षुओं के तीन साल बचेंगे।