वहीं, 6466 मतदान केंद्र सामान्य श्रेणी में रखे गए हैं। 2019 के लोकसभा चुनावों की तैयारी में जुटे चुनाव आयोग ने लोगों की सहूलियतों को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रदेश में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ा दी है। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या व सहूलियत को ध्यान में रखते हुए आयोग ने इस बार 338 नए मतदान केंद्र बना दिए हैं।
युक्तिकरण (रेशनलाइजेशन) के तहत मंडी लोकसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 94 नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं जबकि कांगड़ा में 78, हमीरपुर में 84 और शिमला संसदीय क्षेत्र में 82 नए मतदान केंद्र बढ़े हैं। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में कुल 1796, मंडी में 1985, हमीरपुर में 1680 व शिमला मेें 1924 मतदान केंद्र थे।
वहीं, 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए कांगड़ा में 1874, मंडी में 2079, हमीरपुर में 1764 और शिमला में 2006 मतदान केंद्र अधिसूचित किए गए हैं। इन केंद्रों के अलावा जरूरत पड़ने पर आयोग सहायक (आग्जिलरी) पोलिंग स्टेशन भी बना सकता है।
आयोग के सूत्रों के अनुसार मतदान केंद्रों का निर्धारण मतदान केंद्र वार मतदाताओं की संख्या के अनुसार होता है। अगर किसी मतदान केंद्र पर ग्रामीण क्षेत्र में एक हजार और शहरी क्षेत्र में 1200 से ज्यादा होती है तो एक नया मतदान केंद्र बनाया जाता है।
साथ ही अगर दो मतदान केंद्रों के बीच की दूरी की वजह से मतदाताओं को दिक्कत होती है तो भी नए मतदान केंद्र को आयोग बना सकता है। हालांकि इसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट के बाद राजनीतिक दलों के साथ विमर्श किया जाता है और उसके बाद आयोग इन्हें अधिसूचित करता है।