फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल में बढ़े 338 मतदान केंद्र, चुनाव आयोग ने जारी की अधिसूचना

Thu, 07 Mar 2019 12:02 PM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन

2019 के लोकसभा चुनावों की सुगबुगाहट के बीच चुनाव आयोग ने हिमाचल में 7723 मतदान केंद्रों की अधिसूचना जारी कर दी है। 2014 के लोकसभा चुनावों के मुकाबले 2019 के मतदान के लिए 338 नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

विज्ञापन


सबसे ज्यादा 2079 मतदान केंद्र मंडी लोकसभा क्षेत्र में हैं जबकि सबसे कम 1764 मतदान केंद्र हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र में बनाए गए हैं। आयोग ने इसके साथ ही इन मतदान केंद्रों में 367 को सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से संवेदनशील (क्रिटिकल) और 950 को अतिसंवेदनशील (वलनरेबल) की श्रेणी में भी बांट दिया है।

6466 मतदान केंद्र सामान्य श्रेणी में रखे गए

वहीं, 6466 मतदान केंद्र सामान्य श्रेणी में रखे गए हैं। 2019 के लोकसभा चुनावों की तैयारी में जुटे चुनाव आयोग ने लोगों की सहूलियतों को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रदेश में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ा दी है। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या व सहूलियत को ध्यान में रखते हुए आयोग ने इस बार 338 नए मतदान केंद्र बना दिए हैं।

युक्तिकरण (रेशनलाइजेशन) के तहत मंडी लोकसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 94 नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं जबकि कांगड़ा में 78, हमीरपुर में 84 और शिमला संसदीय क्षेत्र में 82 नए मतदान केंद्र बढ़े हैं। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में कुल 1796, मंडी में 1985, हमीरपुर में 1680 व शिमला मेें 1924 मतदान केंद्र थे।
विज्ञापन

मतदाता संख्या के अनुसार तय होते हैं केंद्र

वहीं, 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए कांगड़ा में 1874, मंडी में 2079, हमीरपुर में 1764 और शिमला में 2006 मतदान केंद्र अधिसूचित किए गए हैं। इन केंद्रों के अलावा जरूरत पड़ने पर आयोग सहायक (आग्जिलरी) पोलिंग स्टेशन भी बना सकता है।

आयोग के सूत्रों के अनुसार मतदान केंद्रों का निर्धारण मतदान केंद्र वार मतदाताओं की संख्या के अनुसार होता है। अगर किसी मतदान केंद्र पर ग्रामीण क्षेत्र में एक हजार और शहरी क्षेत्र में 1200 से ज्यादा होती है तो एक नया मतदान केंद्र बनाया जाता है।

साथ ही अगर दो मतदान केंद्रों के बीच की दूरी की वजह से मतदाताओं को दिक्कत होती है तो भी नए मतदान केंद्र को आयोग बना सकता है। हालांकि इसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट के बाद राजनीतिक दलों के साथ विमर्श किया जाता है और उसके बाद आयोग इन्हें अधिसूचित करता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें