नगर निगम चुनाव में सुखराम परिवार को लेकर कांग्रेस में खींचतान बढ़ गई है। वहीं भाजपा ने भी डैमेज कंट्रोल में ताकत झोंक दी है। गुरुवार देर रात तल्याहड़ में चुनाव प्रचार में कांग्रेस के प्रदेश महासचिव आश्रय शर्मा ने अपने दादा सुखराम और पिता भाजपा विधायक अनिल शर्मा का गुणगान किया। इससे नाराज सदर मंडी से प्रत्याशी रहीं पूर्व मंत्री कौल सिंह की बेटी चंपा ठाकुर मंच छोड़कर चली गईं। मंच छोड़ने से पहले चंपा ठाकुर ने सुखराम परिवार पर निशाना साधते हुए यह तक कह डाला कि इस प्रकार का गुणगान कांग्रेस के लिए नुकसानदायक हो सकता है। शुक्रवार सुबह कांग्रेस का घोषणा पत्र पूर्व मंत्री और कांग्रेस के प्रचार समिति के अध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर ने जारी किया। इसमें सुखराम परिवार ने दूरी बनाए रखी। घोषणा पत्र में वीरभद्र के साथ सुखराम का फोटो भी चर्चा में रहा।
लेकिन घोषणा पत्र जारी करने के अहम दिन आश्रय नदारद रहे। उधर, तल्याहड़ में चुनावी सभा और घोषणा पत्र जारी होने के वक्त सुखराम परिवार की गैरमौजूदगी पर कौल सिंह ने कहा कि चुनावों में ऐसी छोटी बातें होती रहती हैं। हम निगम चुनाव एकजुट होकर लड़ रहे हैं। आश्रय प्रचार में व्यस्त हैं। इधर, भाजपा ने इसे मुद्दा बनाते हुए बेशक चुटकी ली है। लेकिन सुखराम परिवार की ओर से बिछाई गई सियासी बिसात में भाजपा को भी कई वार्डों में बगावत का खतरा है। क्योंकि अनिल शर्मा के साथ भाजपा में शामिल हुए कई चेहरे नगर निगम चुनाव में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। ऐसे में डैमेज कंट्रोल में भाजपा ने पूरी ताक झोंक दी है। यहां तक कि सीएम जयराम ठाकुर ने दो दिवसीय दौरे में वोटरों की नब्ज टटोलते हुए मंडी का सीएम और नगर निगम के तोहफे आदि मुद्दों पर चुनावी जनसभाएं करते हुए इमोशनल कार्ड भी बखूबी खेला है।