ठाकुर ने कहा कि वंदे मातरम के सभी छंदों को गाए जाने को लेकर राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक 2026 संसद के दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद कानून बन गया है। इसके गायन में व्यवधान करने वाले के लिए सजा का प्रावधान है। तुष्टिकरण के लिए देश की पहचान और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीकों के अपमान के दिन अब लद गए हैं। 1937 में कांग्रेस ने संपूर्ण वंदे मातरम का गायन बंद कर दिया था, ताकि मुस्लिम लीग नाराज न हो। इसका परिणाम यह हुआ कि देश के साथ-साथ वंदे मातरम के भी दो टुकड़े हो गए।
अब जब 75 साल बाद वंदे मातरम फिर से पूरा गाया जा रहा है और लाल किले की प्राचीर से यह गीत गूंज रहा है, तो यह कांग्रेस को बर्दाश्त नहीं हो रहा है। कांग्रेस को राष्ट्र गौरव के प्रतीकों का सम्मान करना होगा। हिमाचल के मुख्यमंत्री वीर भूमि की भावना समझें और वंदे मातरम के दो छंदों के गायन को लेकर दिए गए बयान पर माफी मांगें। नेता विपक्ष ने कहा कि आज हिमाचल के सदन की एक गरिमा रही है, इसलिए सरकार और अध्यक्ष महोदय को उस गरिमा का सम्मान करना होगा। यदि विधानसभा में संसद की ओर से पारित कानून के अनुसार वंदे मातरम का गायन नहीं किया जाएगा, तो भाजपा इसका डटकर विरोध करेगी। सदन नियमों के हिसाब से चलेगा, कांग्रेस वर्किंग कमेटी और गांधी परिवार के आदेश के हिसाब से नहीं।