जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा होटलों के संचालन सहमति (कंसेंट टू ऑपरेट) शुल्क में भारी बढ़ोतरी कर छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। सरकार का पूरा गवर्नेंस मॉडल ही जनता पर नए-नए शुल्क लादने तक सीमित रह गया है।
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पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार अपनी वित्तीय विफलताओं को छिपाने के लिए जनता और कारोबारियों पर बेहिसाब शुल्क थोप रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा होटलों के संचालन सहमति (कंसेंट टू ऑपरेट) शुल्क में भारी बढ़ोतरी कर छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। सरकार का पूरा गवर्नेंस मॉडल ही जनता पर नए-नए शुल्क लादने तक सीमित रह गया है।
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मंडी से जारी बयान में जयराम ठाकुर ने कहा कि अब प्रदेश के होटल कारोबारी सरकार के निशाने पर आ गए हैं। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने होटलों के संचालन शुल्क के ढांचे में भारी बदलाव कर छोटे होटलों के शुल्क में 150 फीसदी तक की बेतहाशा वृद्धि कर दी है। इसके अलावा राजस्व कार्यों से जुड़े शुल्कों में भी भारी इजाफा किया गया है। इससे आम जनता पर इतना भारी बोझ पड़ गया है कि लोग जरूरी सरकारी काम करवाने से भी कतराने लगे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने गैर-जरूरी खर्चों को कम करने के बजाय छोटे व मध्यम कारोबारियों को परेशान कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने दिल्ली के रामलीला मैदान में चुनाव आयोग के खिलाफ आयोजित इंडी गठबंधन की रैली को पूरी तरह फ्लॉप करार दिया। सीएम सुक्खू पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने पूरे मंत्रिमंडल और कार्यकर्ताओं के दलबल को दिल्ली ले गए। उन्होंने राहुल गांधी की री-लॉन्चिंग के लिए प्रदेश के सरकारी संसाधनों को जमकर लुटाया, लेकिन इतनी कवायद के बावजूद उन्हें मंच से बोलने तक का मौका नहीं मिला। इससे कांग्रेस संगठन के भीतर मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की वास्तविक स्थिति का साफ पता चलता है।