पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद इस साल के अंत में हिमाचल में प्रस्तावित चुनाव में अंदरूनी घमासान की आहट अभी से सुनाई देने लगी है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने चुनाव से पहले अपनी नई भूमिका की तरफ इशारा किया है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस पर कहा कि ये बातें हाईकमान तय करता है। कांग्रेस में सत्ता और संगठन के बीच लगातार बढ़ रही इस तल्खी से आने वाले समय में टिकट बंटवारे पर दंगल होना तय माना जा रहा है।
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद पर फेरबदल हो सकता है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह खुद पीसीसी चीफ की कमान संभालकर टिकट आवंटन में बड़ी भूमिका निभाते हुए मिशन रिपीट के लिए नई भूमिका में नजर आ सकते हैं।
प्रयास भवन धर्मशाला में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इसके संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री से यहां अमर उजाला ने सवाल किया कि क्या चुनावी साल में टिकट आवंटन को लेकर आने वाले समय में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद की बागडोर अपने हाथ में ले सकते हैं। इस पर सीएम ने कहा कि वो भी प्रोसेस का हिस्सा है। देयर इज नो डाउट।
पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की तर्ज पर धूमल के खिलाफ चुनाव लड़ने पर सीएम ने कहा कि वह धूमल के रास्ते में क्यों आएंगे। उन्होंने कहा कि वह एक ही जगह से चुनाव लड़ेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक बार फिर हिमाचल में नए जिलों के गठन की बात को सिरे से नकार दिया।
त्रिदेव सम्मेलन में भाजपा सांसद शांता कुमार की ओर से धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने की घोषणा को जनता से मजाक करने की बात पर सीएम ने कहा कि वरिष्ठ नेता से उन्हें ऐसे वक्तव्य की उम्मीद नहीं थी।