सीपीएस मामले में भाजपा नेता फैला रहे भ्रम : चौहान
मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि छह सीपीएस की नियुक्तियों के मामले में उच्च न्यायालय के निर्णय का वह स्वागत करते हैं। सरकार इस मामले को लेकर अब उच्चतम न्यायालय में गई है। भाजपा के नेता असम के एक इसी तरह के कानून को लेकर इस मामले में भ्रम फैला रहे हैं, जो हिमाचल प्रदेश पर लागू होगा या नहीं होगा, यह उच्चतम न्यायालय पर निर्भर करेगा।
शनिवार को राज्य सचिवालय में पत्रकार वार्ता में चौहान ने कहा कि छह सीपीएस की नियुक्तियां मुख्यमंत्री ने प्रदेश के हितों को ध्यान में रखकर ही की थीं। लेकिन भाजपा का तो एक राग विरोध करना ही है। भाजपा ने प्रदेश सरकार को गिराने का असफल प्रयास किया।
इसको लेकर ऑपरेशन लोटस चलाया, मगर मुख्यमत्री की राजनीतिक सूझबूझ ने इनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। पूर्व भाजपा सरकार ने जिस तरह से हिमाचल प्रदेश को आर्थिक रूप से कमजोर हालत में छोड़ा था। उसके बावजूद मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपनी दूरदर्शिता, कड़ी मेहनत तथा पक्के इरादे के चलते प्रदेश को लगातार विकास के पथ पर अग्रसर करने का काम किया है। चौहान ने कहा कि जब-जब हिमाचल से अनुराग ठाकुर, जयराम ठाकुर और राजीव बिंदल जैसे नेता दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए जाते हैं, तब-तब यह नेता हिमाचल के बारे में झूठा प्रचार करके जनता के बीच भ्रम फैलाने का कुत्सित कार्य करते हैं। हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में भाजपा ने सुक्खू सरकार को आर्थिक प्रबंधन में अक्षम ठहराकर हिमाचल सरकार को बदनाम करने का काम किया था। मगर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कर्मचारियों को वेतन एवं पेंशन समय पर देकर स्वयं को साबित किया कि वह एक सक्षम मुख्यमंत्री हैं।