वीरभद्र मामले में कांग्रेस में सियासत तेज हो गई है। परिवहन मंत्री जीएस बाली और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर की कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भेंट के कुछ ही दिन बाद रविवार को पूर्व केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पंडित सुखराम ने भी उनसे कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन शिमला जाकर मुलाकात की। उन्होंने सुक्खू से एक घंटे तक चर्चा की।
उनके बाद मुख्य संसदीय सचिव एवं कांग्रेस के नेता मनसा राम ने भी सुक्खू से मुलाकात की। सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष से मौजूदा सियासी हालात पर चर्चा की। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर चल रहे सीबीआई मामले पर भाजपा आक्रामक है तो कांग्रेस नेताओं की जगह-जगह पर कई गोष्ठियां चल रही हैं।
दूसरी ओर आम जनता से लेकर सभी सियासतदानों की टकटकी सुप्रीम कोर्ट पर लगी टिकी हुई हैं। सोमवार को अगली तारीख पड़ेगी या कोई फैसला आएगा, इस पर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। पिछले कई दिन से भाजपा इस मामले पर आक्रामक है। भाजपा नेता हिमाचल सरकार के कम दिन रहने तक की बातें करने लगे हैं।
जगह-जगह बयानबाजी के दौर चलने लगे हैं। कांग्रेस नेता बाहरी तौर पर एकदम एकजुट हैं जबकि अंदरखाते इनकी भी कई बैठकें हो रही हैं। अलग-अलग धड़ों के कांग्रेस नेताओं को इन बैठकों में इकट्ठा देखा जाने लगा है। इनसे जब पूछा जाता है तो बाहर यह बताया जा रहा है कि बस सामान्य चर्चा हुई।
उधर, चर्चाएं तो कांग्रेस हाईकमान के स्तर पर विकल्प तलाशने तक की हो रही हैं, मगर इन्हें वीरभद्र समर्थक कोरे कयास करार दे रहे हैं। हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री की ओर से बार-बार कहा जा रहा है कि हिमाचल की कांग्रेस सरकार किसी भी परेशानी में नहीं है। सारे विधायक एकजुट हैं। सभी वीरभद्र सिंह के साथ खड़े हैं और भाजपा की ओर से सरकार को अस्थिर करने का असफल प्रयास किया जा रहा है।
मंत्रिमंडल की ओर से भी बार-बार इस बात को लेकर प्रेस नोट तक जारी किए जा रहे हैं कि सब सीएम के साथ हैं। कुल मिलाकर 26 सितंबर को सीबीआई छापेमारी से शुरू हुए इस सारे घटनाक्रम से राजनीतिक हलचल लगातार बढ़ ही रही है। इस हलचल के नए रुख को देखने के लिए अब सबकी टकटकी आज की तारीख 26 अक्तूबर पर ही लगी है।
सुप्रीम कोर्ट में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के कार्यक्षेत्र पर चर्चा हो सकती है। कानूनी जानकारों ने बताया कि सीबीआई की ओर से हिमाचल हाईकोर्ट के कार्यक्षेत्र को भी चुनौती दी जा रही है। सीबीआई की दलील यह रह सकती है कि यह मामला हिमाचल हाईकोर्ट के कार्यक्षेत्र में नहीं आता है। यह मामला वीरभद्र सिंह के खिलाफ पूर्व केंद्रीय इस्पात मंत्री की हैसियत से नई दिल्ली में दर्ज हुआ है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के वक्त शिमला में ही रहेंगे। वे रविवार दोपहर बाद ही शिमला लौट आए हैं। यह माना जा रहा है कि वीरभद्र सिंह सोमवार को राज्य सचिवालय शिमला में रहेंगे। दिल्ली से उन्हें पल-पल की जानकारी दी जाती रहेगी।