कालीबाड़ी सभागार में पेंशनरों के कई संगठनों का सम्मेलन हुआ।
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चुनाव प्रचार के बीच राजनीतिक पार्टियां अब पेंशनरों पर डोरे डाल रही हैं। इसकी अलग तरह की शुरुआत भाजपा ने शिमला से पेंशनरों के एक सम्मेलन से की। राजधानी के कालीबाड़ी सभागार में पेंशनरों के कई संगठनों के सम्मेलन में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल पहुंच गए। कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों को बुलाने के लिए सूत्रधार का काम घनश्याम शर्मा ने किया। घनश्याम शर्मा भाजपा की पिछली दो सरकारों में कर्मचारी, पेंशनर, श्रमिक कल्याण बोर्ड के चेयरमैन रह चुके हैं। वह धूमल और जयराम सरकारों में इस पद पर रहे। वहीं, कांग्रेस भी भाजपा की मुहिम से होने वाले डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। अगले कुछ दिनों में कांग्रेस पेंशनरों तक पहुंच बढ़ाएगी।
राज्य में दो लाख पेंशनर हैं जो प्रदेश की सियासत को रुख देने में अहम भूमिका रखते हैं। भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष घनश्याम शर्मा ने कहा कि सम्मेलन में हिमाचल पेंशनर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष सुभाष वर्मा, शिमला जिला कर्मचारी कल्याण मंच अध्यक्ष मदन लाल शर्मा, सचिवालय पूर्व कर्मचारी संघ के अध्यक्ष भूपराम वर्मा, पूर्व आईएएस और एचएएस एसाेसिएशन से सीआरबी ललित आदि कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। हिमाचल प्रदेश परिवहन पेंशनर संघ, बिजली बोर्ड, बीएसएनएल के पूर्व कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और इनसे जुड़े नेता भी सम्मेलन में पहुंचे। शर्मा ने कहा कि यह विभिन्न संगठनों की प्रमुख टोलियों का सम्मेलन था। इसमें केंद्र सरकार की योजनाओं को गिनाया।
वर्तमान सरकार पेंशनर विरोधी : जयराम
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि एक तरफ पीएम मोदी ने देश में सभी वर्गों का खास ख्याल रखा है, वहीं दूसरी ओर वर्तमान सरकार कर्मचारी और पेंशनर विरोधी है। आजकल छठे वेतन आयोग का लाभ न मिलने पर बिजली बोर्ड पेंशनर्स आक्रोशित हैं और सरकार गहरी नींद में सो रही है। लोकसभा चुनाव से पहले हिमाचल में बिजली बोर्ड पेंशनरों का हल्ला शुरू हो गया है। पेंशनर्स मांगें पूरा न होने की वजह से चुनाव के बहिष्कार की धमकी दे रहे हैं, लेकिन सरकार खामोश बैठी हुई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि देश की जनता को पीएम मोदी की नीति, नीयत और नेतृत्व पर विश्वास है।
इस चुनाव हमारा साथ देंगे पेंशनर : घनश्याम
घनश्याम शर्मा ने कहा कि सभी पेंशनर संगठनों ने केंद्र सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा का साथ देने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव और विधानसभा उपचुनाव में पेंशनर भाजपा का साथ देंगे।
पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन से कोई नहीं गया, सीएम ने दिए पेंशनरों को लाभ : आत्मा
पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष आत्मा राम शर्मा कहा कि उनका संगठन राज्य में पेंशनरों का सबसे बड़ा है। उसका कोई भी प्रतिनिधि सम्मेलन में नहीं था। इसमें जो मदन शर्मा और भूपराम शर्मा जैसे नेता शामिल हुए हैं। वे सचिवालय के पूर्व कर्मचारियों के प्रतिनिधि रहे हैं। जो भी सरकार सत्ता में होती है, चाहे वह किसी भी पार्टी की हो, उसके सामने पेंशनरों की यह एसोसिएशन संयुक्त सलाहकार समिति के माध्यम से अपनी मांगें रखती है। यह एक गैर राजनीतिक संगठन है। पेंशनर्स वेलफेयर एसाेसिएशन कोई भी राजनीतिक सम्मेलन नहीं करता है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने पेंशनरों को छठे वेतन आयोग के एरियर जैसे लाभ दिए हैं। इससे वरिष्ठ पेंशनरों के खाते में दो से तीन लाख रुपये आए हैं।
कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही कर्मचारियों-पेंशनरों को ओपीएस का लाभ दिया। भाजपा की नीति ही पेंशनरों के हितों के खिलाफ रही है। भाजपा ने हमेशा ओपीएस का विरोध किया। जयराम ठाकुर तो अपनी सरकार की कर्मचारियों और पेंशनरों की हजारों करोड़ रुपये की देनदारियां भी कांग्रेस सरकार पर छोड़ गए। मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व की कांग्रेस सरकार पेंशनरों की सच्ची हितैषी है। चुनाव में भी पेंशनर कांग्रेस का साथ देंगे, इसकी पूरी उम्मीद है। - नरेश चौहान, उपाध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी