संगीता की सास को बताया गया कि बेटा हुआ है। उसके कुछ देर बाद बच्चा सौंपा गया। कुछ ही देर बाद नर्सिंग स्टाफ ने फुट प्रिंट लेने की बात कहकर नवजात को दादी से ले लिया और बाद में उन्हें बेटी थमा दी।
संगीता की सास के नवजात बदलने के आरोपों के बाद अस्पताल प्रशासन भी सकते में आ गया। उधर, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तीसरे दिन भी दंपती की शिकायत के बावजूद कोई बयान दर्ज नहीं किए। नवजात के दादा बलवंत सिंह ने बताया कि सोमवार देर शाम बच्ची बीमार थी।
इस पर वह स्टाफ नर्स के पास गए। लेकिन, स्टाफ नर्स ने नवजात की स्वास्थ्य जांच तक नहीं की। इससे पहले भी कई बार नाहन मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों व स्टाफ की लापरवाही के कई मामले सामने आ चुके हैं।
उधर, एएसपी सिरमौर वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि पुलिस ने डीएनए के लिए सैंपल लिए हैं। प्रयोगशाला से दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।