विक्रय मूल्य 900 रुपये अंकित किया गया है। हरियाली कंपनी के अधिवक्ता वीरेंद्र सिन्हा ने बताया कि केजी बंसल एंड कंपनी अपना ब्रांड वर्ष 1993 से प्रयोग कर रहे हैं। दूसरी कंपनी ने उनके ब्रांड के नाम पर न्यू, प्लस तथा असली हरियाली का नाम दर्शाकर ग्राहकों से धोखा किया है।
उन्होंने बताया कि हरियाली कंपनी के चावल अच्छी किस्म और गुणवत्ता के हैं। जबकि उनके नाम पर बेचे जा रहे चावल गुणवत्ता के आधार पर उनके बराबर नहीं हैं।
वीरेंद्र सिन्हा ने बताया कि पटियाला हाउस दिल्ली के न्यायाधीश एडीजे सुमित दास के ओदशानुसार जब्त माल को सीज करके व्यापारियों के सुपुर्द कर दिया गया है।
रिपोर्ट बना कर कोर्ट में पेश की जाएगी, जहां संबंधित कंपनी से आगामी पूछताछ की जाएगी। इस संबंध में नादौन के व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने कंपनी द्वारा उपलब्ध करवाए गए माल को ही बेचा है और इसके लिए ऑनलाइन पेेमेंट की गई है।