अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के पंथाघाटी में शिव मंदिर के पास हुए भारी भूस्खलन और इससे एनएच की संपत्ति को हुए नुकसान का मामला पुलिस के पास पहुंच गया है। वहीं भूस्खलन के खतरे को देखते हुए मौके पर बेरिकेड लगाए गए हैं ताकि कोई व्यक्ति गिरकर चोटिल न हो।
सड़क को पैदा हुए खतरे को लेकर लोक निर्माण विभाग के एनएच विंग ने कड़ा संज्ञान लिया है। विंग की ओर से कसुम्पटी पुलिस चौकी में शिकायत देकर नीचे चल रहे निजी भवन के निर्माण और इसके लिए की खोदाई को भूस्खलन का संभावित कारण बताते हुए मामले की जांच की मांग की है। अधिकारियों के अनुसार भूस्खलन के कारण एनएच की ओर से बनाया पैदल मार्ग, उसकी रेलिंग और सड़क का एक किनारा ढह गया है। अधिकारियों का कहना है कि नीचे चल रहे भवन निर्माण के लिए बरसात के दौरान की खोदाई से जमीन का एक हिस्सा खाली हो गया जिससे भूस्खलन की स्थिति पैदा हुई। इससे एनएच की संपत्ति को नुकसान पहुंचने के साथ सड़क पर भी खतरा पैदा हो गया है। सड़क का हिस्सा और ढहता है तो एनएच पर यातायात भी प्रभावित हो सकता है।
विज्ञापन
मौके पर पहुंचे एनएच विंग के शालाघाट डिवीजन के सहायक अभियंता नेत्र प्रकाश ने स्थिति का जायजा लिया। नुकसान और उसके कारणों का आकलन करने के बाद उन्होंने भूस्खलन के कारणों की पुलिस जांच की मांग करते हुए कसुम्पटी पुलिस चौकी में शिकायत दी। सहायक अभियंता और उनकी टीम ने मौके पर निर्माण करवा रहे निजी भवन मालिक के माध्यम से क्षतिग्रस्त हिस्से में रेत की बोरियां लगवाकर आम लोगों की सुरक्षा के लिए अस्थायी इंतजाम करवाए। एनएच विंग की शिकायत और जांच की मांग के बाद पुलिस दोनों पक्षों को बुलाकर भूस्खलन और इससे हुए नुकसान के मामले की छानबीन करेगी। जांच में यदि भवन मालिक की लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो उसे क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत करवाने की जिम्मेदारी भी उठानी पड़ सकती है। विभाग का कहना है कि घटना में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है और सड़क के और ढहने का खतरा बना हुआ है।
पाबंदी के बावजूद कैसे हो रहा था काम, निगम ने तलब की रिपोर्ट
शहर के पंथाघाटी क्षेत्र भूस्खलन के मामले में नगर निगम ने भी रिपोर्ट तलब कर ली है। इसमें जिस जगह भूस्खलन हुआ है, वहां खोदाई करने के आरोप लग रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस निर्माण कार्य और बारिश के चलते यहां भूस्खलन हुआ है। इससे यहां फुटपाथ तक टूट गया है। सड़क को भी खतरा है। बरसात के चलते शिमला शहर में खोदाई के कार्यों पर नगर निगम ने जुलाई से रोक लगा रखी है। अब इस पाबंदी के बावजूद मौके पर कौन और कैसे निर्माण कार्य कर रहा था, इसकी रिपोर्ट मांगी है। यदि गलत तरीके से खोदाई करने का मामला सामने आता है तो भवन मालिक का नक्शा तक रद्द हो सकता है। नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल ने कहा कि मौके की रिपोर्ट मांगी है। इसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। कहा कि शहर में अभी खोदाई के कामों पर रोक है और इसके बावजूद लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।