राजधानी शिमला स्थित मुख्यमंत्री आवास ओक ओवर में रविवार को सैकड़ों नाराज पुलिस कर्मियों के पहुंचने के मामले में शासन से लेकर पुलिस मुख्यालय तक के अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। एक ओर गृह और पुलिस विभाग के अधिकारी इस बात को पचा नहीं पा रहे कि अनुशासित पुलिस के जवाब बिना किसी आदेश के सीधे मुख्यमंत्री से मिलने पहुंच गए और अपनी मांगे तक रख दीं।
कुछ अफसर इस अनुचित व्यवहार को करने वाले कर्मियों पर कार्रवाई की बात कह रहे हैं। दूसरी ओर, सियासी नफा नुकसान और बिना मुख्यमंत्री रुख जाने नियमों की इस अवहेलना पर कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। फिलहाल, अफसरों में इस बात को लेकर तो एकमत है कि अगर इस मामले में कार्रवाई न हुई तो भविष्य में भी पुलिस कर्मी अपनी किसी भी मांग को मनवाने के लिए नियमों को दरकिनार कर इस तरह का कदम उठा सकते हैं।