हिमाचल प्रदेश में पुलिस कांस्टेबलों को क्लर्कों और अन्य समकक्ष श्रेणियों की तर्ज पर ही पे बैंड और ग्रेड पे के वित्तीय लाभ मिलेंगे। राज्य सरकार के वित्त विभाग ने बुधवार को पुलिस कांस्टेबलों की संशोधित पे बैंड देने की मांग को मानते हुए बड़ी राहत दे दी है। अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना ने बुधवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
क्लर्कों और अन्य कर्मचारियों को दो साल अनुबंध पर नियुक्ति और अनुबंध अवधि के पूरा होने के बाद दो साल पूरा करने पर संशोधित पे बैंड के ये लाभ मिलते हैं।
पुलिस कांस्टेबलों को भी इतनी ही अवधि यानी चार साल बाद पे बैंड और ग्रेड पे के लाभ मिलेंगे। इससे पहले पुलिस कांस्टेबलों को ये लाभ आठ साल बाद मिलते थे। अधिसूचना के मुताबिक कांस्टेबलों को प्रवेश स्तर पर 5910-20200 रुपये का पे बैंड और 1900 रुपये के ग्रेड पे का लाभ मिलेगा। इन्हें 7,810 रुपये का प्रारंभिक वेतन मिलेगा। एक जनवरी 2015 के बाद इन्हें 10,300-34,800 रुपये का पे बैंड मिलेगा, जबकि 3200 रुपये की ग्रेड पे मिलेगी। यह पे बैंड और ग्रेड पे उस अवधि के पूरा करने पर मिलेगी, जो अनुबंध सेवा और जमा दो साल की नियमित सेवा के बराबर होगी।
मांग लेकर ओकओवर के बाहर पहुंच गए थे कांस्टेबल
संशोधित पे बैंड की मांग करते हुए कुछ माह पहले कांस्टेबल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सरकारी निवास ओकओवर के बाहर पहुंच गए थे। कांस्टेबलों ने इस तरह पहली बार अपनी मांग जाहिर की थी। उस दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इन्हें आश्वस्त किया था कि वह उन्हें राहत देंगे। इसके बाद मामला वित्त विभाग के पास चर्चा के लिए गया। फिर सीएम ने संशोधित पे बैंड और ग्रेड पे की घोषणा की और अब अधिसूचना लागू हो गई है।
नड्डा का रोका था काफिला, मैस का किया था बहिष्कार
27 नवंबर 2021 को जेसीसी की बैठक के बाद ओकओवर में वर्दी में जुटने के बाद कांस्टेबलों के परिजनों ने बिलासपुर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आने पर उनका काफिला रोका तो पुलिस ने उन पर केस भी किए। पुलिस कांस्टेबलों ने कई दिनों तक मांगें मनवाने के लिए मैस का बहिष्कार भी किया था।