पुलिस को फेसबुक के जरिये क्लू मिला था।
- फोटो : Demo Pic
दोहरे हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाने वाले और वर्ष 2002 में नाहन जेल से फरार चल रहे श्यामल राव रेड्डी को पकड़ने के चक्कर में हिमाचल पुलिस धोखा खा गई। पुलिस ने बंगलूरू में एक एनिमेशन इंजीनियर को ही पकड़ लिया। फेसबुक पर नाम और शक्ल मिलने पर हिमाचल पुलिस के जवान बंगलूरू पहुंचे और उसे पकड़कर नाहन ले आए।
उसके फिंगर प्रिंट लिए और बाल के नमूने मैच नहीं हुए। बाद में हिमाचल पुलिस को हाथ-पांव जोड़कर उससे माफी मांगनी पड़ी और उसे वापस बंगलूरू छोड़ना पड़ा। बता दें कि रेड्डी के फरार होने के बाद नाहन सेंट्रल जेल के कुछ अधिकारी भी सस्पेंड हुए थे।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि नाहन पुलिस की चार सदस्यीय टीम छह मार्च को उत्तरी कर्नाटक के कोप्पल जिले के गंगावती पहुंची और वहां 45 वर्षीय शामला रेड्डी के घर पर दस्तक दी। पुलिस कर्मियों ने शामला रेड्डी को बताया कि वे उसे गिरफ्तार करने आए हैं।
वर्ष 2000 में शिमला में की थी दो लोगों की हत्या
फिंगर प्रिंट से यह पता चला कि पुलिस से बड़ी गलती हुई है।
- फोटो : demo
वर्ष 2000 में उसने शिमला में दो लोगों की हत्या की थी और नाहन जेल से भी फरार है। वह अपनी बेगुनाही की बात करता रहा, मगर पुलिस जवानों ने कहा कि उसका चेहरा और नाम दोनों ही मिलते हैं। इसके बाद एनिमेशन इंजीनियर को वहां के स्थानीय थाने में ले गए और पूछताछ के बाद नाहन लाया गया। फिंगर प्रिंट से ये स्पष्ट हो गया कि वह एनिमेशन इंजीनियर ही था।
दोहरे हत्याकांड का आरोपी नहीं। पुलिस ने बताया कि श्यामल राव रेड्डी आंध्र प्रदेश के पश्चिमी गोदावरी जिला का निवासी है, शक के आधार पर ही वे यहां पहुंचे। सिरमौर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनोद धीमान ने कहा किभगौड़ों को पकड़ने वाली हमारी एक टीम फेसबुक से कुछ सुराग मिलने पर बंगलूरू गई थी। पर जिस आदमी पर हमें शक था, वह भगौड़ा श्यामल राव रेड्डी नहीं था। जांच के बाद अब उसे वापस उसके घर छोड़ दिया है।