ऐसे में हिमाचल की जेलों में हो रहे सुधारात्मक कार्यों को जेल में बंद बंदियों के जरिये ही सार्वजनिक करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कवि सम्मेलन के अलावा नशा निवारण में एक नुक्कड़ नाटक और एक डाक्यूमेंट्री भी दिखाई जाएगी।
डीजी गोयल ने बताया कि वन महोत्सव के दौरान सूबे की जेलों में एक हजार से ज्यादा पौधों को रोपित किया। उन्होंने बताया कि कैदियों के बीच पौधरोपण को बढ़ावा देने के लिए अब जो कैदी जिस पौधे को रोपेगा और उसका रखरखाव करेगा, उसके आगे उस कैदी के नाम की पट्टी लगाई जाया करेगी।