इसके अलावा पीएमजीएसवाई सड़कों के किनारे जल निकासी व्यवस्था समय पर नहीं की जाती। जिससे सड़कें जल्दी टूटती हैं। राज्य के योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश धवाला ने कहा कि प्रदेश में पीएमजीएसवाई सड़क ों का निर्माण एमओयू की शर्तों के अनुसार नहीं हुआ है।
सड़कों में 20 एमएम मोटी बजरी की परत बिछाई जानी थी लेकिन यह 15 एमएम से भी कम है। इसके अलावा सड़कों में स्थानीय सामग्री और व्यर्थ प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। सड़कों के साथ निकासी नालियों का निर्माण नहीं किया जा रहा। इस गंभीर मामले को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से उठाया गया है।