उन्होंने कहा कि वह सिर्फ सरकार के लिए काम कर रहे हैं और विस के एजेंडे से भी छेड़छाड़ कर सिर्फ भाजपा विधायकों के सवालों पर चर्चा प्रस्तावों को प्राथमिकता दे रहे हैं। विपक्ष के मुद्दों पर चर्चा नहीं करवा रहे।
सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक कर स्कूली वर्दी देने के संबंध में किया टेंडर रद्द कर अगले तीन साल के लिए टेंडर करने का फैसला ले लिया है, लेकिन सदन को अवगत नहीं कराया। सरकार वर्दी के अलावा स्कूली बैग तक नहीं मुहैया करा पा रही है।
उन्होेंने स्पष्ट किया कि सरकार जनजातीय क्षेत्रों के नाम पर हेलीकॉप्टर तो ले रही है लेकिन वहां के लोगों की सुनवाई नहीं कर रही। एसजेवीएन को एनटीपीसी को देने और सरकार गठन के बाद भाजपा नेताओं पर दर्ज मामले वापस लेने जैसे गंभीर मुद्दों पर भी सदन के सामने स्थिति साफ नहीं करना चाह रही।
संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि विपक्ष जनहित के मुद्दों से इतर कुछ राज्यों में कांग्रेस को मिली जीत का जश्न मनाना चाहता था। वह नहीं चाहता था कि सदन की कार्यवाही चले।
इसलिए, उसने ऐसे प्रस्ताव पर चर्चा करने को कहा, जिसे किसी ने भी भेजा तक नहीं था। जब बिना प्रस्ताव चर्चा करने से विधानसभा अध्यक्ष ने मना किया तो विपक्ष ने वाकआउट कर दिया।