विधायकों और वरिष्ठ नेताओं का मन टटोल कर जब पर्यवेक्षक नरेंद्र सिंह तोमर और निर्मला सीतारमण और प्रभारी मंगल पांडे वापस लौटे, तो जेपी नड्डा फिर से हिमाचल प्रदेश के सीएम पद की रेस में सबसे आगे हो गए थे।
पर्यवेक्षकों के सामने जयराम ठाकुर और प्रेम कुमार धूमल के समर्थकों की भिड़ंत को देखते हुए धूमल भी नड्डा के नाम पर सहमत हो गए थे।
मगर शनिवार देर रात प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की बैठक में जयराम के नाम पर मुहर लग गई। सूत्रों के मुताबिक शनिवार देर शाम तक नड्डा को मुख्यमंत्री बनाने और जयराम को डिप्टी सीएम या संगठन की कमान देने का फार्मूला तैयार कर लिया गया था।