अब नार्थ ईस्ट के मणिपुर राज्य में हिमाचल के सेब की महक भी पहुंच गई है। मणिपुर में अब हिमाचल का सेब तैयार होने लगा है। पहली बार वहां हो रही सेब की पैदावार से खुश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मन की बात में भी जिक्र किया है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मणिपुर राज्य में भी हिमाचल का सेब आ गया है। इस सेब को मणिपुर में पहुंचाने का श्रेय सीएसआईआर-आईएचबीटी संस्थान पालमपुर को जाता है।
मणिपुर में तैयार हुए सेब की पौध आईएचबीटी पालमपुर में तैयार कर भेजी थी। बेहतर फसल के लिए यहां इसकी रूट ग्राफि्टंग कर निजी कंपनी से करीब तीस चालीस हजार सेब की पौध भेजी गई थी, जबकि सीएसआईआर में 2018 मणिपुर से आए किसानों को सेब की खेती के लिए बताया और उन्हें सेब को लगाने की पूरी विधि बताई थी। लिहाजा, भारत सरकार की नार्थ ईस्ट एजेंसी रिजन कम्युनिटी रिसोर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (नरकोरंप) के माध्यम से मणिपुर में सेब की खेती तैयार की गई।
इसका जिक्र मणिपुर के किसानों में डीडी इंफाल दूरदर्शन पर किया था कि हिमाचल के पालमपुर में स्थित सीएसआईआर की तकनीक से ही उन्होंने सेब की खेती शुरू की है। उधर, सीएसआईआर के निदेशक डा. संजय कुमार ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि सीएसआईआर पालमपुर की ओर से तैयार की गई सेब की पौध से मणिपुर में सेब तैयार हो गया है। उन्हें इस बात का गर्व है कि जिसका जिक्र रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी मन की बात में किया। कहा कि सीएसआईआर पालमपुर में मणिपुर के किसानों को सेब लगाने की पूरी तकनीक बताई थी।