प्रधानमंत्री ने संबंधित मंत्रालयों और क्रियान्वयन एजेंसियों को परियोजना की बाधाएं दूर कर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित मंत्रालयों को 30 दिन के भीतर भूमि हस्तांतरण, यूटिलिटी शिफ्टिंग और निर्माण कार्यों के संशोधित लक्ष्य निर्धारित करने को कहा। साथ ही, देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और नोडल एजेंसियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। परियोजना की प्रगति पर निगरानी के लिए गति शक्ति पोर्टल के माध्यम से हर 15 दिन में समीक्षा की जाएगी। प्रधानमंत्री ने कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, स्टीम जेनरेशन, टेस्टिंग लैब और वेयरहाउसिंग जैसी साझा सुविधाओं के टेंडर और निर्माण कार्यों में भी तेजी लाने को कहा। इसी माह हुई तैयारी बैठक में भी परियोजना की धीमी प्रगति पर चिंता जताई गई थी। बैठक में प्रदेश सरकार की ओर से मुख्य सचिव केके पंत और प्रधान सचिव उद्योग एम सुधा देवी मौजूद रहे।
भूमि समतलीकरण और बिजली-पानी के काम में देरी
केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में वित्तीय प्रोत्साहन योजना के तहत हिमाचल प्रदेश, गुजरात और आंध्र प्रदेश में बल्क ड्रग पार्क स्थापित करने की मंजूरी दी थी। हरोली में विकसित हो रहा पार्क उत्तर भारत की प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं में शामिल है। यहां भूमि समतलीकरण, बिजली के सब-स्टेशन और पानी की पाइपलाइन बिछाने जैसे कार्यों में देरी से निर्माण की समय सीमा प्रभावित हुई है। विभिन्न विभागों के बीच अपेक्षित समन्वय नहीं बन पाने के कारण भी काम की रफ्तार धीमी रही है।