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शिमला में सफाई अभियान के नाम पर 'नौटंकी'

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खादी का सफेद कुर्ता पाजामा साथ में नेहरू जैकेट, पैंट कोट की क्रीज तलवार की धार जैसी, हरी और मैरून बुशैहरी टोपियां, आंखों पर धूप का चश्मा, सतरंगी साड़ियों, सूट और चमकते चेहरे।
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यह नजारे थे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर शिमला में गांधी जयंती पर शुरू किए ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के। ऐसा लग रहा था मानो सफाई अभियान नहीं फैशन शो शुरू होने वाला है। राजनेता और अधिकारी फोटो खिंचवाने के लिए पोज बनाते रहे।

‘स्वच्छ भारत अभियान’ की शुरुआत के मौके पर शहर में फोटो खिंचाओ प्रतियोगिता जैसा माहौल बना गया था। ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की औपचारिक शुरुआत हमेशा साफ सुथरे दिखने वाले रिज मैदान पर झाड़ू लगाकर की गई।
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फेसबुक के लिए खिंचवाते रहे फोटो

आयोजन स्थल के सामने नगर निगम कार्यालय के पास चूने से सफेद लकीरें तो खींच दी गईं लेकिन यहां लगी रेलिंग के पीछे भरा कूड़ा कचरा उठाने की जहमत किसी ने नहीं उठाई।

स्कैंडल प्वाइंट के सामने बैंक कर्मचारी सफाई अभियान के नाम पर हाथ में झाड़ू उठाए मोबाइल पर फेसबुक के लिए एक दूसरे की फोटो खींचते रहे। साढ़े दस बजे अभियान की औपचारिक शुरुआत हो चुकी थी, बावजूद इसके साढ़े बारह बजे भी नगर निगम ने खेल परिसर के आसपास से कूड़ा नहीं उठाया।

सड़क किनारे कूड़े के ढेर लगे रहे। सचिवालय में सरकार के बड़े अफसरों ने कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ तो दिलाई लेकिन करीब सौ मीटर दूर सड़क किनारे फैली गंदगी किसी को नजर नहीं आई।

बच्चों ने पूरी शिद्दत के साथ की सफाई

ऐसा नहीं कि शहर में हर जगह ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के नाम पर सिर्फ नौटंकी हुई। स्कूली बच्चे पूरी शिद्दत से सफाई अभियान में जुटे रहे। निरंकारी सभा के सदस्यों ने भी लक्कड़ बाजार-आईजीएमसी सड़क की सफाई में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी।

शिमला के स्कूलों ने सभी छात्रों को छुट्टी के बावजूद स्कूल बुलासा और छात्रों ने भी मन लगाकर सफाई की। मगर शिक्षक खुद पीछे पीछे रह गए। कई शिक्षक सिर्फ ऑर्डर देते दिखाई दिए।

वहीं, कुछ ने बस नाम के लिए झाड़ू पकड़ा। ऐसा लग रहा था मानो पीएम ने शिक्षकों को निर्देश दिए थे कि वे छात्रों से सफाई करवाए।
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‘स्वच्छ भारत मिशन’ की अजब शुरुआत

हिमाचल में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ की शुरुआत कुछ अजीबोगरीब ढंग से हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली की एक वाल्मीकि बस्ती से अभियान शुरू किया, वहीं केंद्रीय मंत्री नजमा हेप्तुल्ला ने सफाई के लिए शिमला के रिज मैदान को चुना जो, पूरे प्रदेश में सबसे साफ सुथरा इलाका माना जाता है।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को कार्यक्रम में आना था, पर वे नहीं आए। शिमला में शूटिंग के लिए आईं भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने स्वच्छ भारत अभियान को सराहा, सफाई के लिए झाडू़ भी मंगवाए, लेकिन मंदिर परिसर की सफाई करने के बजाए शूटिंग में व्यस्त रहीं।

हिमाचल में मिशन के शुभारंभ के लिए बड़े-बड़े विज्ञापन प्रकाशित किए गए थे। निमंत्रण कार्ड प्रकाशित कराए गए, जिसमें उल्लेख किया गया था कि मुख्यमंत्री के कर कमलों से ‘स्वच्छ भारत मिशन’ का शुभारंभ किया जाएगा, लेकिन दो अक्तूबर को अचानक सूचना मिली कि मुख्यमंत्री नहीं आ पा रहे हैं।
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