हिमाचल प्रदेश में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का अब पहले ही विभाग को पता लग जाएगा। इसके लिए आंचल एप पर गर्भवती महिलाओं का डेटा अपलोड होगा। इससे विभाग गर्भवती महिलाओं की डिजिटल तरीके से ट्रैकिंग करेगा। शिमला और चंबा के 50 संस्थानों से पायलट प्रोजेक्ट के तहत एप को शुरू किया जाएगा। दोनों जगहों में सफलता मिलने के बाद विभाग की ओर से पूरे प्रदेश में इसे लागू किया जाएगा। इससे न केवल गर्भवती महिलाओं की सेहत सुरक्षित होगी बल्कि नवजात को भी इसका फायदा मिलेगा, साथ ही मातृ एवं शिशु मृत्यु दर भी कम होने में मदद मिलेगी।
जपाइगो के सहयोग से आंचल एप पर गर्भवती महिलाओं का डेटा रखा जाएगा। इसके माध्यम से हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का पहले ही पता लगेगा। इससे समय पर उपचार दिया जाएगा। वहीं, प्रसव के दौरान होने वाली मौत को भी रोकने में फायदा मिलेगा। पहले चरण में पायलट प्रोजेक्ट में इसे शुरू किया जाएगा। चंबा और शिमला में 50 संस्थानों में यह शुरू होगा। -डॉ. अल्पना, डिप्टी डायरेक्टर, एनएचएम।