सुबह छह बजे खुले मंदिर के कपाट, दोपहर तक पार्किंग तक पहुंचीं भक्तों की कतारें
भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर रविवार को राजधानी के मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मां के दर्शन करने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। तारादेवी मंदिर में 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माथा टेककर सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर परिसर दिनभर जयकारों से गूंजता रहा और मां के दर्शन करने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। तारादेवी मंदिर में सुबह छह बजे कपाट खुलने से पहले ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। सुबह आठ बजे तक दर्शन करने के लिए भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गईं। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई। दोपहर करीब एक बजे तक कतारें मंदिर न्यास के कार्यालय से होते हुए पार्किंग तक पहुंच गई थीं। श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते हुए मां के दर्शन करने के लिए खड़े रहे। वहीं कालीबाड़ी मंदिर में भी हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। मां तारादेवी के दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। शारदीय नवरात्र के अवसर पर मंदिर में भव्य मेले का भी आयोजन किया गया। मेले में तरह-तरह के स्टॉल लगाए गए हैं जहां श्रद्धालुओं को खरीदारी और घूमने-फिरने का अवसर मिल रहा है। धार्मिक आस्था के साथ मेले की रौनक ने भी लोगों को आकर्षित किया।
नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था के लिए पुलिस तथा होमगार्ड के जवान तैनात रहे। जवानों ने श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने और भीड़ को नियंत्रित करने में भूमिका निभाई। लंबी कतारों के बावजूद भक्तों में मां के दर्शन को लेकर उत्साह नजर आया। मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-शांति की कामना की।