उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री
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केंद्र सरकार ने ऊना में स्वां नदी तटीकरण (चैनलाइजेशन) फेज-पांच को मंजूरी दे दी है। स्वां और सहायक नदियों के तटीकरण में 300 करोड़ रुपये खर्च होगी। हाल ही में इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार की केंद्रीय अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। केंद्र ने फेज-पांच के लिए राशि मंजूरी कर दी है। ऊना जिले में 922 करोड़ की स्वां नदी तटीकरण परियोजना के लिए बजट की कमी चल रही थी। केंद्र सरकार ने पास यह मामला काफी समय से लंबित था।
वर्ष 1988 में नदी ने विकराल रूप धारण किया था। लोगों की उपजाऊ जमीन और फसलें तबाह हो गई थी। तब से फेज वाइज इस नदी का तटीकरण हो रहा है। पूर्व में प्रदेश के कांग्रेस और भाजपा के नेताओं में इस परियोजना को मंजूर करवाने का श्रेय लेने की होड़ लगी रही।
बाढ़ संरक्षण विंग ने स्वां नदी के साथ लगती बाकी बची सहायक खड्डों के तटीकरण का प्लान तैयार कर लिया था। इस योजना पर खर्च 30 फीसदी सरकार को और 70 फीसदी केंद्र सरकार को वहन करना था। इस महत्वाकांक्षी तटीकरण परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य वर्ष 2017 तक रखा गया था, लेकिन अब इस परियोजना के तय अवधि में पूरा होने पर संशय बना हुआ है। अभी तक स्वां नदी के तटीकरण के साथ लगभग बीस सहायक खड्डों का ही काम पूरा हो पाया है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने स्वां नदी तटीकरण फेज -5 को मंजूरी दी है। केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल को 300 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। उन्होंने कहा कि जल्द ही तटीकरण का काम शुरू हो सकेगा। स्वां और सहायक नदियों का तटीकरण होने से अवैध खनन पर अंकुश लगेगा। स्वां नदी पर अवैध खनन का मामला सुर्खियों में रहा है। विधानसभा में यह मामला गूंजता रहा है।