फाग मेला हर वर्ष वसंत ऋतु में देवता साहिब जाख के आह्वान पर किया जाता है। तीन दिवसीय इस लोक उत्सव में देवता साहिब जाख के मंदिर पर बर्फ के गोले दागने की परंपरा मेले का मुख्य आकर्षण रहता है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू की छौहारा विकास खंड दुर्गम गांव जांगलिख में फाग मेले का आगाज हो गया। फाग मेला हर वर्ष वसंत ऋतु में देवता साहिब जाख के आह्वान पर किया जाता है। तीन दिवसीय इस लोक उत्सव में देवता साहिब जाख के मंदिर पर बर्फ के गोले दागने की परंपरा मेले का मुख्य आकर्षण रहता है। विशेष रुप से पेछयानी गांव के लोग पारंपरिक वेशभूषा में मंदिर पर बर्फ के गोले फेंककर देवता का अभिनंदन करते है। बुधवार को जांगलिख गांव में पारंपरिक फाग मेले का आगाज हो गया। ग्रामीणों ने पूरी आस्था के साथ बर्फ के गोले मंदिर पर फेंककर देवता का अभिनंदन करने की लोक परंपरा को निभाया।
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इस दौरान स्थानीय लोग पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों पर थिरकते रहे। फाग मेले में ग्रामीणों ने मेहमानों की खातिरदारी पारंपरिक व्यंजनों से जमकर की। सूखा हुआ पुराना मीट, ओगल के आटे से बने सिड्डू, शहद और अखरोट के तेल से तली रोटियां, फाफरे के आटे की रोटियां मेहमानों के लिए विशेष रुप से तैयार की गई थी। देवता साहिब जाख जांगलिख के पुजारी सैंज राम, बालम सिंह ने बताया कि फाग मेला ग्रामीण सदियों से उत्साह के साथ मनाते आ रहे हैं। इस बार भी मेला तीन दिन तक मनाया जाएगा।