प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नियुक्त 15 हजार से अधिक पीजीटी को प्रवक्ता पदनाम देने का मामला कैबिनेट बैठक में जाएगा। बुधवार को मुख्य सचिव बीके अग्रवाल की अध्यक्षता में इस मामले को लेकर बैठक हुई।
बैठक में प्रवक्ता पदनाम देने पर सहमति बन गई है। छठी से जमा दो तक पढ़ाने की शर्त पर पीजीटी को प्रवक्ता पदनाम दिया जाएगा। अब पहली मार्च की कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी।
बैठक में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीकांत बाल्दी, प्र्रधान सचिव शिक्षा केके पंत और उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा भी मौजूद रहे।
उधर, पीजीटी संघ के अध्यक्ष चितरंजन कालटा की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को प्रधान सचिव शिक्षा से मुलाकात कर भर्ती एवं पदोन्नति नियम और 26 अप्रैल 2010 से पूर्व नियुक्त टीजीटी जो अब पीजीटी बन चुके हैं को भी पदनाम देने के लिए एकमुश्त छूट देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि अगर इस मांग की अनदेखी कर सिर्फ पदनाम बदला गया तो इसके खिलाफ आपत्ति दर्ज करवाई जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में रामलाल लोधटा, दिनेश, मनीश शर्मा, अजय वर्मा, जीतराम और पुष्प राज शामिल रहे।