हिमाचल के सरकारी स्कूलों में पीजीटी आईपी के 1191 पद साक्षात्कार से भरने के पहले ही दिन मामला कोर्ट पहुंच गया है। प्रार्थियों ने राज्य प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में याचिका दायर कर भर्ती नियमों पर सवाल उठाते हुए भर्ती प्रक्रिया रद्द करने की मांग उठाई है। वीरवार को ट्रिब्यूनल ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद प्रदेश सरकार से भर्ती प्रक्रिया की पूरी जानकारी मांगी है।
शिक्षकों की भर्ती के लिए क्या नियम बनाए गए हैं? क्या शैक्षणिक योग्यता है? कितना अनुभव मांगा गया है? भर्ती किस तरह की जाएगी? ट्रिब्यूनल ने प्रदेश सरकार से इन सवालों के जवाब मांगे हैं। शुक्रवार को इस मामले की फिर सुनवाई होगी। याचिका दायर करने वाले प्रार्थियों ने भर्ती प्रक्रिया पर कई सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि जब तृतीय श्रेणी के पद भरने के लिए साक्षात्कार को समाप्त कर दिया गया है तो पीजीटी आईपी (कंप्यूटर शिक्षकों) के पद साक्षात्कार से क्यों भरे जा रहे हैं? स्कूलों में ही 5 साल के शैक्षणिक अनुभव की शर्त क्यों लगाई गई है?
पीजीटी आईपी भर्ती मामला ट्रिब्यूनल पहुंचने से शिक्षा निदेशालय में हड़कंप मच गया है। वीरवार को निदेशालय में दोपहर बाद इस मामले पर खूब गहमागहमी दिखी। उच्च शिक्षा निदेशक ने इस मामले को लेकर लीगल ब्रांच के अफसरों के साथ लंबी चर्चा की।