हिमाचल मंत्रिमंडल के फैसले के एक महीने बाद भी सूबे में पेट्रोल और डीजल के दाम कम नहीं हो सके हैं। प्रदेश की जनता को राहत देने के उद्देश्य से वीरभद्र सरकार ने 10 अक्तूबर को कैबिनेट की बैठक में पेट्रोल और डीजल पर वैट एक प्रतिशत कम करने का फैसला लिया था।
लेकिन अधिकारी इस फैसले के बाद अभी तक अधिसूचना जारी नहीं कर सके हैं। इतने दिनों से फाइल सामान्य प्रशासन, आबकारी एवं कराधान और विधि विभाग में ही घूम रही है।
कैबिनेट बैठक में प्रदेश सरकार की ओर से पेट्रोल और डीजल पर वैट एक प्रतिशत कम करने के फैसले के दो दिन बाद 12 अक्तूबर को सूबे में आचार संहिता लागू हो गई।
लेकिन ये मामला प्रशासनिक लापरवाही से लटका है। एक महीने से लोग सरकार के फैसले के लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। इसमें और वक्त लग सकता है।