प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में कुष्ठ रोग के बाद दिव्यांग होने वाले मरीजों का री-कंस्ट्रक्टिव सर्जरी से उपचार हो सकेगा। जागरूकता के अभाव में अधिकतर कुष्ठ रोगी दिव्यांग होने की स्थिति में अकसर सर्जरी या ऑपरेशन करवाने से डरते हैं, लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला अस्पतालों में सुविधा शुरू कर दी है।
अभी तक सूबे में री-कंस्ट्रक्टिव सर्जरी के बारे में कुष्ठ रोगियों को ज्यादा जानकारी नहीं है।विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हिमाचल में 10 हजार जनसंख्या पर 0.28 रोगी हैं अर्थात लगभग 40 हजार लोगों में से एक व्यक्ति कुष्ठ रोग से ग्रस्त है। यह आंकड़ा देश स्तर पर देखें तो भारत में हर 10 हजार लोगों पर 0.69 व्यक्ति कुष्ठ रोग से ग्रस्त हैं। लगभग 20 हजार व्यक्तियों में से तीन कुष्ठ रोग की चपेट में हैं।
15 दिन चलेगा जागरूकता अभियान
तीस जनवरी से 13 फरवरी तक पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग कुष्ठ रोग के बारे में जागरूकता अभियान चलाएगा। इसमें कुष्ठ रोगियों को दिव्यांग होने पर री-कंस्ट्रक्टिव सर्जरी के बारे में जानकारी दी जाएगी।कुष्ठ रोग कार्यक्रम के निदेशक डॉ. आरके बारिया ने कहा कि कुष्ठ रोग के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए 15 दिन का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा कुष्ठ रोगियों को दिव्यांग होने के बाद री-कंस्ट्रक्टिव सर्जरी करवाने के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।