प्रदेश सरकार शिमला शहर में सील्ड और प्रतिबंधित सड़कों पर वाहनों की आवाजाही की परमिट व्यवस्था में संशोधन करेगी। यह जानकारी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा में शिमला के विधायक सुरेश भारद्वाज के सवाल के लिखित जवाब में दी।
मुख्यमंत्री ने सदन में जानकारी दी कि इन सड़कों में वाहन चलाने के लिए परमिट शिमला रोड यूजर्स एंड पेडेस्ट्रियंस लोक सुरक्षा एवं सुविधा अधिनियम के तहत दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 28 नवंबर 2015 तक कुल 1177 परमिट दिए हैं। ये शिमला शहर में सील्ड और प्रतिबंधित सड़कों पर वाहन चलाने के लिए मान्य किए हैं। इनमें से 575 गृह विभाग, 49 हिमाचल प्रदेश विधानसभा और 553 उपायुक्त शिमला ने जारी किए हैं। ये अधिनियम में व्यवस्था कर दी है।
विस में परमिट व्यवस्था में सीएम के संशोधन की बात कहने के बाद अब शिमला शहर के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। शिमला शहर के बंधित और प्रतिबंधित सड़कों गाड़ियों के लिए परमिट जारी होते हैं।
बिना रोड परमिट के प्रतिबंधित सड़क पर आने वाली गाड़ी का 1500 और सील्ड रोड पर 300 हजार जुर्माने का प्रावधान है। हाल में ही इन सड़कों पर गाड़ियों की अत्यधिक आवाजाही होने की वजह से प्रदेश उच्च न्यायालय ने नाराजगी भी जताई।
एसबीआई से लेकर सीटीओ चौक तक आने वाली सरकारी और निजी गाड़ियों के परमिट रद्द कर दिए थे। हालांकि आम जनता की सुविधा के लिए एचआरटीसी की टैक्सी सर्विस पर कोई रोक नहीं लगाई। आपातकालीन वाहनों पर भी कोई पाबंदी नहीं है। अदालत के इस फैसले से आम जनता ने राहत भरी सांस ली।
इसी तरह शिमला क्लब से लेकर मैट्रोपोल तक विधायकों की गाड़ियों को जाने की छूट दे दी गई लेकिन वहां गाड़ियों के पार्किंग निषेध कर दी गई। केवल उन विधायकों को यह छूट दी गई जिनके सरकारी आवास मैट्रोपोल में हैं। राजनीतिक संगठनों की ओर से प्रतिबंधित और बंधित सड़कों के लिए बनाए गए नियमों में संशोधन की मांग की गई थी। इस पर शिमला शहर के विधायक सुरेश भारद्वाज ने यह मुद्दा विधानसभा में उठाया।
रिज मैदान में पहुंची नैनों, आईजीएमसी में कार जब्त- रिज मैदान पर सोमवार रात को एक नैनों कार बेरोकटोक पहुंच गई। कार ने रिज मैदान के इत्मीनान से चक्कर काटे और उसके बाद महात्मा गांधी के बुत के आगे रुक गई। इसके बाद इनमें से दो युवक बाहर उतरे और मोबाइल से फोटोग्राफी करने लगे।
इसके बाद वहां से चलते बने। रिज तक पहुंचने वाले रास्तों पर पुलिस तैनात रहती है। बताया जा रहा है कि यह कार लक्कड़ बाजार की तरफ से आई थी। वहीं मंगलवार को संजौली प्रतिबंधित सड़क पर एक कार बिना परमिट के दाखिल हो गई।
उसे पुलिस ने रोकने की कोशिश की लेकिन वह नहीं रुकी। इसी दौरान एसपी शिमला भी वहां से गुजर रहे थे। कार में ऊंची आवाज में म्यूजिक भी लगा था। एसपी ने गाड़ी को आईजीएमसी अस्पताल के ठीक सामने रुकवाया। गाड़ी को मौके पर ही बाउंड कर दिया गया।